भूस्खलन के मुहाने पर बसा चौगान वार्ड समस्याओं से लदा पड़ा है। लेकिन यहां की सबसे बड़ी दिक्कत भूस्खलन से निजात की ही है। वार्ड के ज्यादा भाग भूस्खलन की जद में हैं। हालात इतने खतरनाक हैं कि कई लोग अपने घरों से पलायन तक कर गए हैं।
वार्ड में थोड़ी सी बारिश के बाद पत्थर गिरने शुरू हो जाते हैं लोग रात को जागने के लिए मजबूर हैं। इसी वार्ड में उपायुक्त निवास, अस्पताल, पशु चिकित्सालय व पुलिस थाना जैसे महत्वपूर्ण स्थल भी हैं जो भूस्खलन की जद में आ सकते हैं। चौगान वार्ड के बीचोंबीच बालू को पक्काटाला से जोड़ने वाला मार्ग कई जगह भूस्खलन का शिकार है।
यह मार्ग कॉलेज पहुंचने वाले छात्रों की आवाजाही का मुख्य जरिया है और भविष्य में सरोल में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद चंबा अस्पताल तक पहुंचने का भी सबसे छोटा रास्ता होगा। लेकिन इस मार्ग समेत पूरे पक्काटाला मोहल्ले को भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। चौगान वार्ड को भूस्खलन से बचाने के लिए कई बार आकलन हो चुका है। लेकिन पर्याप्त बजट न मिल पाने की वजह से आज दिन तक यहां राहत का प्रबंध नहीं हो पाया।