चंबा। जिले के ककीयां गांव की कीर्ति ठाकुर ने संघर्षों से भरे अपने जीवन को अवसर में बदलकर मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों से शुरू किया गया उनका छोटा-सा ब्यूटी पार्लर आज उनकी पहचान ही नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुका है।
कीर्ति अपने पार्लर में आस-पास की लड़कियों को निशुल्क प्रशिक्षण दे रही हैं। उनका उद्देश्य है कि गांव की बेटियां कौशल सीखकर आर्थिक रूप से सक्षम बनें और परिवार की मदद कर सकें। उनकी इस पहल से कई युवतियों में आत्मविश्वास बढ़ा है।
अब तक करीब 10 लड़कियां प्रशिक्षण लेकर अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी हैं और कई अपनी सेवाएं शुरू कर चुकी हैं।
ब्यूटी मेकअप और ब्राइडल आर्ट में कीर्ति ने खास पहचान बनाई है। विवाह सीजन में उनकी बुकिंग महीनों पहले ही हो जाती है। गांव से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक, दुल्हनें उनके काम की प्रशंसा करती नहीं थकतीं।
कीर्ती बताती हैं कि उनके संघर्ष के दिनों में पति ने सबसे बड़ा सहारा दिया। वह कहती हैं कि अगर पति का सहयोग न मिलता तो शायद मैं घर की जिम्मेदारियों से निकलकर कुछ अपना नहीं कर पाती। उन्होंने हर कदम पर मुझे प्रोत्साहित किया। परिवार के समर्थन ने ही मुझे मजबूती से खड़ा होने की ताकत दी। कीर्ति ठाकुर आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं कि हौसला, हुनर और परिवार का साथ मिले तो आत्मनिर्भरता की राह खुद-ब-खुद बन जाती है।