सिहुंता (चंबा)। सिहुंता क्षेत्र में किसानों की जीवनरेखा कही जाने वाली खग्गल कूहल का निर्माण कार्य दो वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। इससे पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा, जिससे किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए संकट का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार त्रंगड़ा गांव और आसपास के क्षेत्रों के खेतों की सिंचाई इसी कूहल पर निर्भर है, लेकिन अब भी करीब 500 मीटर हिस्सा तैयार नहीं हुआ है। इन दिनों किसान धान की कटाई का काम कर रहे हैं। उसके बाद गेहूं की बिजाई का काम करेंगे, लेकिन खेतों में नमी की कमी के कारण बिजाई करना काफी मुश्किल है। किसान दिन-रात खेतों की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन पानी के बिना मेहनत बेकार जा रही है।
स्थानीय किसान रमेश कुमार, जीवन कुमार, रतन चंद और प्रदीप कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य में देरी से सिंचाई के लिए पानी न मिलने के कारण फसल का नुकसान हो रहा है। इस बार भी कूहल पूरी नहीं हुई तो खेती चौपट हो जाएगी। किसानों ने विभाग से गुहार लगाई है कि शेष कार्य को जल्द पूरा कर सिंचाई सुविधा बहाल की जाए।
जल शक्ति विभाग के सहायक अभियंता दिनेश सिंह पठानिया का कहना है कि कूहल का कुछ कार्य बचा है उसका दोबारा टेंडर किया है। जल्द कार्य पूरा किया जाएगा।