चंबा। इस बार करवाचौथ का त्योहार चंबा जिले में बेहद रौनक और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। खासतौर पर नवविवाहिताओं में पहले करवाचौथ को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शादी के बाद पहला व्रत यादगार बनाने के लिए महिलाएं सुबह से ही पारंपरिक लाल जोड़े, चमकदार चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर और आधुनिक आर्टीफिशियल गहनों की खरीदारी में जुटी रहीं।
महंगाई में आर्टिफिशियल गहनों का क्रेज
चंबा बाजार में करवाचौथ के मौके पर बारिश के बावजूद भारी भीड़ रही। पारंपरिक चांदी के टिका, मांग टीका, झुमके, चूड़ियां, कड़े और हार जैसे आभूषणों के स्थान पर इस बार महिलाओं ने आर्टिफिशियल गहनों को खास तवज्जो दी। दुकानदारों ने बताया कि इस बार आर्टिफिशियल गहनों की बिक्री में 40 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। बाजार में रंग-बिरंगे गहनों की विविधता ने महिलाओं को खासा आकर्षित किया। न केवल चंबा शहर बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी महिलाएं आर्टिफिशियल गहनों की खरीदारी के लिए आईं।
इनसेट
यह मेरा पहला करवाचौथ है, इसलिए तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। नए कपड़े, चूड़ियां, मेहंदी और शृंगार का हर सामान ले रही हूं। मैं बहुत उत्साहित हूं। – वंदना ठाकुर
बचपन से मां को करवाचौथ करते देखा है, अब खुद इस अनुभव का मौका मिला है। इसलिए कपड़ों से लेकर पूजा की थाली तक सब कुछ खास होना चाहिए। काजल कुमारी
यह त्योहार मेरे लिए बहुत खास है। पहली बार व्रत रखूंगी, इसलिए सास और ननद से पूजा की विधि सीख रही हूं। मेहंदी, साड़ी, चूड़ियां सब तैयार कर रही हूं। तनीशा कुमारी
पहली बार करवाचौथ का सामान खरीदकर ऐसा लग रहा है जैसे फिर से शादी की तैयारियां कर रही हूं। लाल जोड़े से लेकर पूरा शृंगार करने का सामान खरीदा है। – वंदना शर्मा