अमानत के तौर पर मिले सरकारी दस्तावेजों को वापस न लौटाने का आरोप साबित होने पर चंबा के एलडीसीजेएम राजिंद्र कुमार ने अभियुक्त राकेश कुमार पुत्र कर्म चंद निवासी बनगोटू को एक साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में अभियुक्त को तीन महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियुक्त पर भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस केस की पैरवी जिला उपन्यायवादी विजय रहालिया ने की है। उन्होंने बताया कि यह मामला वर्ष 2004 में दर्ज किया गया था। उस समय अभियुक्त पंचायती राज विभाग में कनिष्ठ सहायक के रूप में तैनात था। 23 जून 2004 को उसे सरकारी दस्तावेज अमानत के रूप में दिए गए। जिन्हें उसे शिमला में पंचायती राज निदेशालय में प्रस्तुत करना था लेकिन उसने यह रिकॉर्ड शिमला में प्रस्तुत नहीं किया और न ही जुलाई 2007 तक इसे वापस विभाग को लौटाया। विभाग की ओर से उसे कई बार नोटिस जारी किए गए लेकिन अभियुक्त ने इनमें किसी का कोई जवाब नहीं दिया। जिसके बाद विभाग की ओर से पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया।
पुलिस ने मामले की छानबीन की और इसे कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया। कोर्ट में कनिष्ठ सहायक राकेश कुमार पर लगे सभी आरोप साबित हो गए।