चंबा। साथ जीने और मरने की कस्मों को निजी बस दुर्घटना में जगदेव और हरदेई ने निभा दिया। दुर्घटना में पति-पत्नी दोनों की मौत हो गई।
जगदेव पुत्र धर्म सिंह निवासी गांव बाहला डाकघर देवी कोठी पत्नी हरदेई के साथ बस में सफर कर रहे थे। चलुंज मोड़ पर बस हादसे का शिकार हो गई। इसमें दोनों की मौत हो गई। सात फेरे लेते समय दोनों ने साथ जीने और मरने की कस्में खाई थीं।
दोनों ने शादी के साथ जिंदगी की खुशी और गम एक दूसरे के साथ मिलकर बिताए। कभी कभार दोनों के बीच तकरार भी होती तो दोनों आपस में मिलकर उसे सुलझा लेते। उनकी जिंदगी आराम से चल रही थी। शनिवार को दोनों घर से तड़के तैयार होकर निजी बस में सवार होकर चंबा की तरफ निकले लेकिन उन्हें क्या पता था कि कुछ किलोमीटर की दूरी पर काल उनका इंतजार कर रहा था। बस की सीट पर भी दोनों साथ बैठे थे लेकिन जैसे ही बस नीचे लुढ़की तो दोनों बस के साथ लुढ़क गए। गहरे जख्मों के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी मौत से गांव व क्षेत्र में शौक की लहर दौड़ गई। संवाद