चंबा। उपमंडलीय नगर एवं ग्राम योजना कार्यालय चंबा ने बचत भवन चंबा के सभागार में एक जागरूकता शिविर आयोजित किया। इसका उद्देश्य पंचायतों में सुनियोजित एवं संतुलित विकास को बढ़ावा देना था। शिविर की अध्यक्षता सहायक नगर योजनाकार पंकज शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि चंबा योजना क्षेत्र में भवन निर्माण से पहले नगर एवं ग्राम योजना विभाग से अनुमति लेना अनिवार्य है।
इस शिविर में योजना क्षेत्र की पंचायतों के प्रधान, उप-प्रधान, सचिव, वास्तुकार और वार्ड सदस्य शामिल हुए। इस दौरान पंकज शर्मा ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों को हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम, 1977 और चंबा योजना क्षेत्र में लागू नियमों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि भूमि की बिक्री से पहले विभाग से प्लॉट स्वीकृत करवाना आवश्यक है, ताकि खरीदार को सुव्यवस्थित, वर्गाकार या आयताकार प्लॉट, उचित रास्ते और मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।
शिविर में भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम (रेरा) के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। अधिसूचित योजना क्षेत्र में 500 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर प्लॉट या 8 से अधिक अपार्टमेंट का निर्माण और विक्रय करने के लिए रेरा पंजीकरण अनिवार्य है। वहीं, 1000 वर्ग मीटर से अधिक भूमि पर निर्माण की स्थिति में क्षेत्र को डीम्ड योजना क्षेत्र माना जाएगा। शिविर में योजना अधिकारी यवनेश्वर सिंह नरयाल, प्रारूपकार तेज सिंह, कनिष्ठ प्रारूपकार धर्मेंद्र सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।