चंबा। मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन जिला कमेटी चंबा (संबंधित सीटू) की बैठक मुख्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन जिला अध्यक्ष विपिन ने की। इसमें सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र और महासचिव सुदेश ठाकुर शामिल रहे। बैठक को संबोधित करते हुए सीटू जिला अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार मिड-डे मील योजना का निजीकरण कर रही है। बजट को कम किया जा रहा है। योजना में 437 एनजीओ काम कर रही हैं। केंद्रीय किचन चलाए जा रहे हैं। इसके कारण सैकड़ों वर्कर अपना रोजगार खो चुके हैं। मिड-डे मील वर्कर मांग कर रहा है कि न्यूनतम वेतन मिलना चाहिए। 5000 रुपये में परिवार का गुजारा करना मुश्किल है। मानदेय न मिलने के कारण घर का राशन, बच्चों की फीस, इलाज का खर्चा, सामाजिक उतरदायित्व निभाना मुश्किल हो गया है। योजना में काम कर रहे कर्मियों के लिए 2010 से एक रुपये तक बढ़ोतरी नही की गई है। सीटू जिला महासचिव सुदेश ठाकुर ने कहा मिड-डे मील वर्कर्स को किसी तरह की कोई छुट्टी नहीं है। हाईकोर्ट के 12 माह के निर्णय को लागू नहीं किया जा रहा है। पूरे शिक्षा विभाग में 12 माह का वेतन मिलता है लेकिन मिड-डे मील वर्कर्स के साथ अन्याय किया जा रहा है। इसके खिलाफ 22 जून को होने वाली प्रदेश व्यापी हड़ताल में मिड-डे मील वर्कर शामिल होंगे।
मिड-डे मील वर्कर यूनियन के जिला अध्यक्ष विपिन ने कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाला 1000 रुपये समय पर नहीं मिल रहा है। मिड-डे मील कर्मियों को 12 से 20 छुट्टियों की सुविधा दी जाए। उन्हें साल में दो वर्दी दी जाएं। मिड-डे मील वर्कर अपनी मांगों को लेकर 22 जून को पूरे हिमाचल में हड़ताल करेंगे और शिमला में सचिवालय का घेराव करेंगे। इस अवसर पर मीनू, सरोज, सविता, आशा, कविता, ऋतु, मोनी, कौशल्या, संदेश कुमारी, जगदीश, रूखी देवी आदि शामिल रहे।