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स्वास्थ्य विभाग को दें ब्लैक फंगस मामले की सूचना

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चंबा। जिले के सरकारी अस्पतालों और निजी प्रेक्टिस कर रहे चिकित्सकों के पास पहुंचने वाले ब्लैक फंगस के मामलों की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। ऐसा न करने पर स्वास्थ्य विभाग लापरवाह सरकारी अस्पतालों और निजी प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों को नोटिस जारी कर सकता है। इतना ही नहीं, निजी प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सक का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
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सरकार के निर्देशानुसार ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया गया है। ऐसे में इस महामारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। हालांकि, वर्तमान में जिले में ब्लैक फंगस महामारी का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। वहीं, ब्लैक फंगस महामारी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार जिलास्तर पर कमेटी का गठन किया गया है।
सीएमओ की अध्यक्षता में गठित जिलास्तरीय कमेटी में चिकित्सक विशेषज्ञ, आंख और कान के चिकित्सकों को शामिल किया गया है। जिलास्तरीय टीम सरकारी और निजी क्षेत्र में प्रेक्टिस करने वाले चिकित्सकों पर निगरानी रखेगी, जिससे ब्लैक फंगस महामारी से पीड़ित अगर कोई मरीज सामने आता है तो उसका समयानुसार उपचार किया जा सके।
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बिना परामर्श न लें कोई दवा
कोरोना संक्रमित आने पर भी व्यक्ति ब्लैक फंगस महामारी का शिकार हो सकता है। बीमार होने पर बिना चिकित्सीय परामर्श के स्टेरॉयड दवा का अधिक सेवन भी व्यक्ति के शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है। इसे ब्लैक फंगस बीमारी की जद में मरीज आ सकता है। लिहाजा, लोगों को बीमार होने पर बिना चिकित्सीय परामर्श के कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।
सीएमओ डॉ. कपिल शर्मा ने कहा कि जिले में ब्लैक फंगस बीमारी का कोई भी मरीज नहीं है। कहा कि जिले के सरकारी और निजी प्रेक्टिस कर रहे चिकित्सकों को सख्त हिदायत दी गई है कि किसी बीमार व्यक्ति में इस बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं तो वे सीधे स्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाएं। ऐसा न करने पर सरकारी और निजी प्रेक्टिस कर रहे चिकित्सक को नोटिस जारी किया जा सकता है साथ ही उसका लाइसेंस रदद् हो सकता है। जिले में सीएमओ की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया है।
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