चंबा। वन मंडल चंबा में दैनिक वेतन भोगियों को नियमित करने में हुई गड़बड़ी की जांच कर एसीएफ डलहौजी मुख्य वन अरण्यपाल को रिपोर्ट सौंपेंगे।
इसके लिए उन्होंने एसीएफ को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। साफ हिदायत दी है कि यदि उन्होंने तीन दिन में इस गड़बड़ी की जांच कर रिपोर्ट उन्हें नहीं सौंपी तो वह उनके खिलाफ विभागीय आदेशों की अवमानना करने को लेकर कार्रवाई भी कर सकते हैं। ऐसे में इस मामले में जांच कर रहे अधिकारी को अब हर हाल में अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर मुख्य वन अरण्यपाल को देनी होगी। यहां से यह रिपोर्ट सीधे शिमला जाएगी। उसके बाद इस मामले में आगामी कार्रवाई हो सकती है। दो माह पहले इस मामले की जांच रिपोर्ट तैयार करने के लिए मुख्य वन अरण्यपाल ने एसीएफ डलहौजी को निर्देशित किया था। कार्यालय के अन्य कार्यों में व्यस्त होने के कारण वह इस रिपोर्ट को तैयार नहीं कर पाए। इसलिए अब उन्हें तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
आरटीआई में मांगी सूचना में इस बात का खुलासा हुआ है कि वन मंडल चंबा के दायरे में आने वाली मसरूंड रेंज में दैनिक वेतन भोगियों को बिलों के आधार पर नियमित कर दिया गया है, जबकि नियमतिकरण को लेकर बरते जाने वाले विभागीय नियमानुसार उनकी दिहाड़ी पूरी नहीं है। आरटीआई कार्यकर्ता नरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें जब इस बात का पता लगा तो उन्होंने इस बात की सत्यता का पता लगाने के लिए उन छह लोगों की दिहाड़ी का पूरा रिकॉर्ड विभाग से मांगा। जो जानकारी उन्हें दी गई है, उसमें बिलों का भी हवाला दिया गया है। बिलों को नियमित करने के लिए मान्य नहीं किया जा सकता। ऐसा किस नीयत से संबंधित अधिकारियों ने किया। इसका खुलासा विभागीय निष्पक्ष जांच पूरी होने पर ही लग सकता है।
मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि इस मामले में जांच रिपोर्ट बनाकर तैयार करने के लिए उन्होंने एसीएफ डलहौजी को निर्देश दिए हैं। जैसे ही रिपोर्ट उनके पास आएगी तो उसे आगामी कार्रवाई के लिए शिमला भेज दिया जाएगा।