चंबा। जिला मुख्यालय के साथ लगते दो इलाकों में ब्लड प्रेशर (बीपी) और शुगर के मरीजों का आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा सकता है।
1500 लोगों की स्क्रीनिंग करने पर 500 लोग बीपी और शुगर से पीड़ित पाए गए हैं। जिले में चलाए गए स्क्रीनिंग अभियान में यह आंकड़ा हजारों को छू सकता है। आयुष्मान भव: अभियान को सफल बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रशिक्षु पिछले कुछ दिन से साच और माई का बाग क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे हैं। टीबी, कैंसर सहित अन्य गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। अब तक अभियान के तहत दोनों इलाकों में 500 लोग बीपी और शुगर से पीड़ित मिले हैं। यह आंकड़ा चौंकाने वाला है। दो इलाकों में 1500 की आबादी में ही यदि 500 लोग बीपी और शुगर से पीड़ित हो सकते हैं तो जो जिले की पौने छह लाख की आबादी में ऐसे मरीजों की संख्या काफी अधिक हो सकती है। ये सभी लोग 30 वर्ष से अधिक आयु वाले हैं।
एमबीबीएस प्रशिक्षुओं ने इन मरीजों की पहचान करने के बाद इलाज के लिए जरूरी परामर्श भी दिया। इन्हें नियमित तौर पर स्वास्थ्य जांच करवाने की सलाह दी गई। जो लोग बीपी और शुगर से गंभीर रूप से पीड़ित थे, उन्हें प्रशिक्षुओं ने मेडिकल कॉलेज में जाकर विशेषज्ञों से स्वास्थ्य जांच करवाने का परामर्श दिया है। इन मरीजों में महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं।
पीएचसी चनेड़ के चिकित्सा प्रभारी डॉ. करण हितैषी ने बताया कि इन दिनों जिला भर में आयुष्मान भव: अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत परिवारों के आभा कार्ड बनाने के साथ गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। एमबीबीएस प्रशिक्षुओं ने भी इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दिया है।