चंबा। जिले के पेंशनरों ने बकाया भत्तों समेत अन्य मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार 29 सितंबर तक उनकी मांगें पूरा नहीं करती है तो वे 30 सितंबर से धरना-प्रदर्शन करेंगे। भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ के वरिष्ठ राज्य उपाध्यक्ष डॉ. डीके सोनी ने कहा कि पेंशनरों का डीए का एरियर जुलाई 2023 से बकाया है। कुल मिला कर अब तक उनका 13 प्रतिशत डीए बकाया है। पेंशनरों के मेडिकल बिलों के लिए अभी तक बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है। सरकार बार-बार आश्वासन दे रही है कि पेंशनरों को तीन प्रतिशत डीए दिया है, जबकि यह डीए जुलाई 2025 का है, उससे पहले जनवरी 2024, जुलाई 2024 और जनवरी 2025 का डीए लंबित है।
वहीं, महासंघ के जिलाध्यक्ष बजीर सिंह यादव, इकाई अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा और महासचिव बुधिया राम ने कहा कि जनवरी 2016 से जनवरी 2022 तक पे स्केल एरियर, पे रिविजन एरियर, रिवाइज डीसीआर और रिलिव इनकैशमेंट नहीं मिल पाया है। हर बार सरकार की ओर से पेंशनरों को महज आश्वासनों तक ही सीमित रखा जा रहा है। ऐसी विकट परिस्थितियों में पेंशनरों को अपने घरों का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के करीब डेढ़ लाख और जिले के 15 हजार पेंशनर अपनी मांगों को लेकर अब सड़कों पर उतरने का मन बना रहे हैं। पेंशनर वर्ग बार-बार सरकार को मांगों को लेकर अवगत करवाता आ रहा है। बावजूद इसके पेंशनरों को झुनझुना ही थमाया जा रहा है।