मलबे के नीचे दबी मक्की की फसल: जागरूक पाठक
चंबा। भारी बरसात और भूस्खलन ने जिले के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कृषि विभाग के अनुसार इस बार मक्की की फसल को करीब 19 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार जिले में कुल 28,650 हेक्टेयर में मक्की की खेती की गई थी। इनमें से 7,000 हेक्टेयर फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जबकि 248 हेक्टेयर क्षेत्र में भूस्खलन के कारण फसल मलबे में दब गई है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि फसलों के नुकसान की सटीक रिपोर्ट तैयार करने के लिए विभागीय टीमें प्रभावित इलाकों में भेज दी गई हैं। इन टीमों को किसानों के खेतों का भौतिक निरीक्षण कर विस्तृत आकलन की रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभी भी कई उपकेंद्रों से संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। नेटवर्क बाधित होने के कारण वहां की रिपोर्ट लंबित है। ऐसे में फसल नुकसान का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है। फसलों के चौपट होने से किसानों में गहरी निराशा है। कई गांवों में मक्की की पूरी फसल नष्ट हो चुकी है। किसान अब सरकार से राहत पैकेज और उचित मुआवजे की उम्मीद कर रहे हैं।
प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
कृषि विभाग की टीमें शुक्रवार सुबह 10:00 बजे से चंबा शहर से सटे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने निकलीं। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ और भूस्खलन के चलते जिन किसानों की फसलें व जमीन प्रभावित हुई हैं, उनसे फीडबैक लेकर अब रिपोर्ट तैयार की जाएगी।