चंबा। हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के तत्वावधान में कर्मचारियों ने गेट मीटिंग की। इस दौरान एचआरटीसी चंबा में कार्यरत सभी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने राज्य स्तरीय परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति की ओर से उनकी मांगें पूरी न होने के कारण 18 अक्तूबर को होने वाले ‘काम छोड़ो आंदोलन’ के फैसले का पुरजोर समर्थन किया है।
निर्णय लिया गया कि एचआरटीसी इकाई के सभी कर्मचारी आंदोलन में शामिल होंगे। गेट मीटिंग के माध्यम से निगम प्रबंधन को चेतावनी दी गई कि कर्मचारियों की मांगों को अतिशीघ्र पूरा किया जाए। पदाधिकारियों का कहना है कि जनवरी 2016 से 13 प्रतिशत आईआर, जनवरी 2019 से 4 प्रतिशत डीए, जुलाई 2019 से 5 प्रतिशत और जुलाई 2021 से 6 प्रतिशत डीए सहित 34 माह का ओवरटाइम, पेंशन, ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट, जीपीएफ सहित कई प्रकार के एरियर के रूप में कर्मचारियों के करीब 580 करोड़ रुपये के वित्तीय भुगतान लंबित हैं। भुगतान न होने की वजह से कर्मचारी वर्ग अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है।
कर्मचारियों की मुख्य मांगों में एचआरटीसी को रोडवेज का दर्जा देना, भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना, पीस मील कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लाना, चालकों का पूर्व की भांति 9880/-रुपये का आरंभिक वेतनमान बहाल करना, परिचालकों को आरंभिक वेतनमान एवं एसीपी स्कीम का लाभ देना जैसी मांगें शामिल हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाए। गेट मीटिंग में प्यार सिंह, मान सिंह, खेमेंद्र गुप्ता, पूर्ण चंद, समर चौहान, चमन सिंह, ओम शंकर, कुलदीप कुमार, जगदीश शर्मा, पूर्ण चंद, यशपाल, तिलक राज, हितेश कुमार आदि मौजूद रहे।