चंबा। करवाचौथ पर एचआरटीसी के सैकड़ों कर्मचारी तनख्वाह का इंतजार करते रहे। त्योहार के मौके पर भी खाली जेब और भारी मन लिए उन्होंने ड्यूटी निभाई लेकिन चेहरे पर दर्द साफ झलकता रहा। पत्नी से नजरें नहीं मिला पा रहे हैं, तोहफा देने के लिए पैसे तक नहीं है। एक चालक ने भावुक होकर कहा ऐसे समय में जब हर परिवार में मिठाइयों और उपहारों का आदान-प्रदान हो रहा होता है, ये कर्मचारी अपनी ईमानदारी की कीमत चुपचाप अदा कर रहे हैं।
कर्मचारियों में मान सिंह, भीम सिंह, हेम राज, मदन लाल, दुनी चंद, दिनेश कुमार का आरोप है कि सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। हर महीने हम पूरी ड्यूटी करते हैं लेकिन जब तनख्वाह की बारी आती है तो हम सबसे पीछे छोड़ दिए जाते हैं। केवल वर्तमान कर्मचारी ही नहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारी भी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। दवाइयों के पैसे नहीं हैं, रोजमर्रा की चीजे उधार लानी पड़ रही हैं। पेंशनर कुलदीप, हितेश कुमार, जगदीश कुमार, केवल कुमार ने कहा कि हमने उम्रभर सेवा दी, अब सम्मान से जीने का हक तो बनता है। फिर भी समय पर पेंशन नहीं मिल रही है।