चंबा। चंबा-उटीप-बाट-अगाहर रूट पर भेजी गई एचआरटीसी की बस लुड्डू के पास बीच रास्ते में ही हांफ गई। निगम प्रबंधन से संपर्क करने पर मेकेनिक ने मौके पर पहुंच कर बस की मरम्मत की। यह बस बुधवार सायं पौने छह बजे बस अड्डे से चली थी, जो देर रात साढ़े दस बजे अगाहर पहुंची। बस में सवार 37 सवारियों को जंगल के रास्ते अपने घरों के लिए कूच करना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना है कि बसों की समय पर मरम्मत न होने से रूटों पर भेजी जाने वाली बसें दुर्घटना का कारण भी बन सकती हैं। बस में सवार अजय ठाकुर, निक्कू राम, सुरेश कुमार, भावना कुमारी, रंजना कुमारी, रविंद्र कुमार, विशाल कुमार, विजय कुमार, बिट्टू राम, विक्की, अनीश, पंकज, रवि, देवदत्त, टेक चंद, लौकी ठाकुर, राजिंद्र ठाकुर और कृष्ण ठाकुर ने बताया कि चंबा-उटीप-बाट-अगाहर मार्ग पर खटारा बसें भेजी जा रही हैं। इसका खामियाजा सवारियों को भुगतना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि 20 किलोमीटर की दूरी तय करने में पांच घंटे लग रहे हैं। इससे आईटीआई प्रशिक्षुओं, स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने एचआरटीसी की कार्यप्रणाली को कोसते हुए व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है।
गौरतलब है कि बैरागढ़-शिमला रूट की बस शिमला के पास, चंबा-उटीप-बाट-अगाहर रूट पर भेजी गई एचआरटीसी की एक बस लुड्ड्ू के पास, जबकि दूसरी बाड़का के पास खड़ी है। इसके अलावा चंबा-घरमाणी रूट पर गत सोमवार को भेजी गई बस की लाइटें खराब हो गई थीं, जिन्हें मेकेनिक ने मौके पर पहुंचकर दुरुस्त किया।
चंबा डिपो के अड्डा प्रभारी राजिंद्र कुमार ने बताया कि चंबा-अगाहर रूट की बस बीच राह खराब हो गई। सूचना मिलने पर मेकेनिक को मौके पर भेज कर बस को दुरुस्त कर निर्धारित रूट पर भेजा गया।