चंबा। जिले में अब मरीज अपनी दवाई की प्रतिकूल प्रतिक्रिया को क्यूआर कोड के माध्यम से सरकार और विभाग तक पहुंचा सकेंगे। इसके लिए विभाग ने जिले के लगभग 400 केमिस्टों को क्यूआर कोड भेज दिए हैं और उन्हें आदेश दिया है कि वे इस क्यूआर कोड को अपने स्टोर के सामने में लगाकर रखें, जो केमिस्ट इस आदेश का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने ग्राहकों से भी अपील की है कि वे क्यूआर कोड के माध्यम से अपनी दवाई पर किसी भी प्रकार की अच्छी या बुरी प्रतिक्रिया देने में संकोच न करें। यह कदम दवाई की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा और भविष्य में गुणवत्ता रहित दवाइयां बेचने वाले केमिस्टों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
चंबा मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1000 ओपीडी होती है, और मरीज केवल सरकारी डिस्पेंसरी से ही नहीं, बल्कि निजी दवा स्टोरों से भी दवाई लेते हैं। जिलेभर में सैकड़ों मरीज रोजाना लाखों रुपये की दवाई खरीदते हैं। इस संदर्भ में विभाग को दवाई की गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें मिल रही थीं, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है। राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि सभी केमिस्टों को क्यूआर कोड जारी किए गए हैं और अगर कोई इस प्रक्रिया में लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।