पहले किए अधूरे सर्वे और गलत आंकड़ों से शहरवासी हैं परेशान
जता रहे हैं विरोध, नगर परिषद ने निदेशालय को भेजा था पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर में हाउस टैक्स को लेकर दोबारा सर्वे होना आचार संहिता के जाल में उलझ गया है। इससे दोबारा सर्वे करवाने की प्रक्रिया पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
पहले से किए गए निदेशालय की ओर से सर्वे में भारी गड़बड़ियों और अधूरे आंकड़ों के कारण शहरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मकानों का क्षेत्रफल गलत दर्ज किया गया है। इसके चलते छोटे मकानों पर भी अधिक हाउस टैक्स लगाया जा रहा है। गलत सर्वे के कारण आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। वे लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद ने पहले निदेशालय को पत्र भेजकर दोबारा सर्वे करवाने की मांग की थी। नगर परिषद ने शहरवासियों को भरोसा दिलाया था कि जल्द निष्पक्ष और सटीक सर्वे करवाया जाएगा ताकि गलत टैक्स निर्धारण को सुधारा जा सके। अब आचार संहिता लागू होने के बाद निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल नए सर्वे की प्रक्रिया शुरू करना संभव नहीं है। ऐसे में लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। समस्या जस की तस है। शहरवासियों ने कहा कि जब तक सर्वे में सुधार नहीं होगा, तब तक वे बढ़े हुए हाउस टैक्स का विरोध जारी रखेंगे। उधर, नगर परिषद की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने कहा कि आचार संहिता हटने के बाद इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा।