शहर के कश्मीरी मोहल्ला में घरों के नीचे से खिसक रही जमीन, सुरक्षा के लिए छोड़ना पड़ रहा आशियाना
इलाके की सड़कें जर्जर, नालियां टूटीं, जलभराव की समस्या भी बढ़ा रही है परेशानी, डरा रहे कुत्तों के झुंड
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर का कश्मीरी मोहल्ला हर बरसात में अलर्ट जोन में बदल जाता है। आसमान से गिरती हर बूंद लोगों के दिलों में डर की दरारें और गहरी कर देती है।
यहां बारिश सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि घर छिन जाने का खतरा लेकर आती है। जमीन खिसकने की आहट, अंधेरी गलियों का सन्नाटा और बदहाल व्यवस्थाओं की मार के बीच लोग हर साल एक ही सवाल के साथ जी रहे हैं कि अगली बारिश में उनका आशियाना बच पाएगा या नहीं।
हालात इतने गंभीर हैं कि कई घरों के नीचे से जमीन खिसक रही है। लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए घर छोड़ना पड़ता है। फिलहाल अस्थायी तौर पर स्प्रे किया गया है लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है। हर साल बारिश के समय डर और असुरक्षा का माहौल बना रहता है। सिर्फ भूस्खलन ही नहीं, चौगान वार्ड में विकास के दावे भी खोखले नजर आ रहे हैं। इलाके की सड़कें जर्जर हालत में हैं। नालियां भी टूटी हैं। कई जगह जलभराव समस्या आम हो गई है। अंधेरी गलियां रात के समय लोगों के लिए खतरा बन जाती हैं। लावारिस कुत्तों के झुंड लोगों के लिए खतरा बने रहते हैं।
हर साल बरसात आते ही कश्मीरी मोहल्ले के कुछ परिवारों को डर सताने लगता है। बच्चों और परिवार की सुरक्षा के लिए कई बार घर छोड़ना पड़ता है। - रजनी मल्होत्रा
नालियां ब्लॉक हो जाती हैं। बारिश का पानी घरों तक पहुंच जाता है। उस वक्त हालात काफी खराब हो जाते हैं। कई जगह सड़कें भी खराब हैं। - ज्योति मल्होत्रा
अंधेरी गलियां और कुत्तों के झुंडों ने जीना मुश्किल कर दिया है। शाम के बाद बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं हैं। कुत्तों के काटने का डर लगा रहता है। - निशा
हाउस टैक्स जो एकदम से बढ़ गया है। उसको लेकर किसी ने समाधान नहीं किया है। बेरोजगार व्यक्ति कहां से इतना हाउस टैक्स देगा। इसका भी समाधान होना चाहिए। भावना मल्होत्रा।