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Chamba News: जमीन के साथ खिसक रहे घर, हवा में टंगा भरोसा

Sat, 16 May 2026 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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कश्मीरी मोहल्ले में घर से नीचे हुआ भूूस्खलन: संवाद
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शहर के कश्मीरी मोहल्ला में रह रहे पांच परिवारों पर मंडरा रहा भूस्खलन का खतरा
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डर के साये में कट रहीं लोगों की रातें, बरसात होने पर सराय में ठहराए जाते हैं परिवार
संवाद न्यूज एजेंसी

चंबा। कश्मीरी मोहल्ले में जमीन ही दरक नहीं रही, बल्कि लोगों का भरोसा और सुकून भी खिसकता जा रहा है। पांच परिवार 40 वर्षों से ऐसे घरों में रहने को मजबूर हैं जिनके नीचे की मिट्टी हर बारिश के साथ बहती जा रही है।
रावी नदी की ओर बढ़ता कटाव और लगातार भूस्खलन अब इस कद्र खतरनाक हो चुका है कि कई मकान हवा में लटके दिखाई देते हैं। रात होते ही लोगों की आंखों से नींद गायब हो जाती है। यही डर सताता है कि कहीं अगली सुबह उनका घर और जिंदगी दोनों मलबे में न बदल जाएं। बरसात के समय में लोगों को सराय में ठहराया जाता है। यहां रहना भी मुश्किल होता है। कई बार प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे, स्थिति का जायजा लिया, फोटो खिंचवाई और आश्वासन देकर लौट गए लेकिन जमीनी स्तर पर कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। लगातार बने डर और असुरक्षा के माहौल का असर बच्चों की पढ़ाई और परिवारों की दिनचर्या पर भी साफ दिखाई देता है। बरसात के दिनों में स्कूल जाना जोखिम भरा हो जाता है और कई परिवारों को सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ता है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि चुनावों के बाद कश्मीरी मोहल्ला में उचित कार्य करवाने को लेकर प्रयास किए जाएंगे।
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आपदा में ढह गए थे डंगे
वर्ष 1975, 1995, 2023 और 2025 में आई के दौरान घरों के आगे डंगे गिर गए थे। शौचालय तक ढह गए थे। लोगों के आंगन चले गए थे। भूस्खलन इतना हुआ था कि अब घर हवा में लटक गए हैं। नीचे रावी नदी बह रही है।


40 साल से इस डर में जी रहे हैं कि कब जमीन नीचे खिसक जाए। हर बारिश परीक्षा बन जाती है। रात को नींद नहीं आती। यही सोचते हैं कि सुबह घर सुरक्षित मिलेगा या नहीं। - विक्टर


जिंदगी इसी घर में बिता दी लेकिन अब यह घर ही हमें डराने लगा है। बच्चों को लेकर हमेशा चिंता रहती है। बारिश की हर बूंद हमें मौत का एहसास दिलाती है। - प्रिया

प्रशासन, मुख्यमंत्री को कई बार बताया, नेता आए, फोटो खिंचवाए और चले गए लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हुआ। अब हालात ऐसे हैं कि भरोसा भी खत्म होने लगा है। - कृष्णा
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लोक निर्माण विभाग ने करीब 20 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की है। इसमें ढलान स्थिरीकरण और तकनीकी सुरक्षा कार्य शामिल हैं। यह योजना अब भी कागजों तक सीमित है। - अनिता
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