भूस्खलन के कारण धंसी होली-खड़ामुख सड़क, नहीं पहुंची दैनिक उपयोग की चीजें
मंगलवार देर रात को बंद हुआ मार्ग, भुरभुरा चुकी है पहाड़ी, जिला मुख्यालय से कटा 14 पंचायतों का संपर्क
पीडब्ल्यूडी के कर्मी बहाल नहीं कर पाए मार्ग, अब भुरभुरा चुकी पहाड़ी के गिरने का इंतजार कर रहा है विभाग
मार्ग पर दिन भी ठप रहा यातायात, न कोई बस और न ही रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं लेकर जा सके वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
होली (चंबा)। होली उपमंडल की 14 पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है। बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के कारण मंगलवार देर रात करीब 2:00 बजे भूस्खलन के चलते होली-खड़ामुख मार्ग धंस गया।
मुख्य सड़क के ऊपर निजी परियोजना प्रबंधन ने अपनी साइट के लिए मार्ग का निर्माण किया है। इस कारण सारा मलबा मुख्य सड़क पर आ गया है। उधर, मार्ग बंद होने की सूचना मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग की मशीनरी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। यह पहाड़ी भुरभुरी हो चुकी है और कभी भी गिर सकती है। इसी को देखते हुए विभागीय मशीनरी और लेबर को मार्ग को सुचारू करने में दिक्कतें आईं। अब भुरभुरा चुकी पहाड़ी के गिरने का इंतजार कर रही है, जिससे मार्ग बहाली के दौरान कोई अनहोनी न हो। मार्ग पर वाहनों की रफ्तार थमने से होली उपमंडल की 14 पंचायतों के बाशिंदों को चंबा आने-जाने में परेशानियां का सामना करना पड़ा। वहीं, रोजाना जरूरत की चीजें दूध, ब्रेड की सप्लाई भी होली नहीं पहुंच पाई। मार्ग बहाल नहीं होने की सूरत में रोजाना जरूरत की वस्तुओं के आज भी पहुंचने पर संकट है।
ग्रामीणों में रजत शर्मा, विकास कुमार, नरेश कुमार, दलीप कुमार, प्रमोद कुमार, केवल कृष्ण और दलीप कुमार ने बताया कि होली-खड़ामुख मार्ग पर वाहनों की रफ्तार बुधवार को पूरा दिन थमी रही। मार्ग पर भूस्खलन होने और पहाड़ी के भुरभुरा होने की वजह से विभागीय टीमों को भी मार्ग को सुचारू करने में दिक्कतें पेश आईं। विभाग ने साफ किया है कि भुरभुरी हो चुकी पहाड़ी के गिरने पर ही मार्ग की बहाली का कार्य शुरू किया जाएगा। मार्ग के बंद होने से होली और चंबा की ओर से वाहनों की कतारें लगी रहीं। इतना नहीं, जिला मुख्यालय चंबा से कोई भी सरकारी बस समेत दैनिक उपयोग की वस्तुएं लेकर वाहन तहसील मुख्यालय होली तक नहीं पहुंच पाए।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता भाल चंद ने बताया कि मार्ग बहाली के मशीनरी और लेबर भेजी गई, लेकिन सड़क पर गिरे मलबे और पत्थरों को हटाने में लूज प्वाइंट खतरा बने हुए हैं। ऐसे में लेबर या मशीन ऑपरेटर की जान को जोखिम में न डालते हुए लूज प्वाइंट के गिरने का इंतजार किया जा रहा है।