चंबा। शहर में बिना टैक्स चुकाए होर्डिंग विभिन्न जगह चमकते नजर आ रहे हैं। इनसे शहर की सूरत बिगड़ती जा रही है। इससे नगर परिषद को होने वाले राजस्व को भी साफ तौर पर चूना लगता नजर आ रहा है।
आलम यह है कि अब शहर के बिजली और टेलीफोन समेत अन्य खंभों समेत बिजली के ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए जालों पर भी विभिन्न प्रकार के होर्डिंग या प्रचार-प्रसार की सामग्री साफ देखने को मिल रही हैं। बावजूद इसके प्रशासन और नगर परिषद बिना अनुमति के अवैध होर्डिंग लगाने वालों और उन्हें हटाने वालों के खिलाफ महज खानापूर्ति करती ही नजर आ रही है। इसका नतीजा यह है कि अपने ब्रांड, शैक्षणिक संस्थान के प्रचार-प्रसार के चक्कर में लोगों के घरों तक को बख्शा नहीं जा रहा है। बिना अनुमति ही सरकारी खंभों, पेड़ों और ट्रांसफार्मर के जालों पर भी होर्डिंग और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। वहीं, अधिकारियों की ओर से अवैध होर्डिंग और पोस्टर को हटाने के नाम पर महज कागजी खानापूर्ति ही की जा रही है। नियमानुसार शहर में किसी प्रकार के होर्डिंग या पोस्टर लगवाने से पूर्व नप चंबा की अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके लिए नियमानुसार शुल्क निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके नियमों को धत्ता बताकर अवैध होर्डिंग धारक प्रशासन और नप को चूना लगाने से पीछे नहीं रह रहे हैं। उधर, नगर परिषद के कार्यवाहक कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार का कहना है कि अवैध लगे होर्डिंग को हटाने के लिए कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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बिना टैक्स चुकाए शहर की सूरत बिगाड़ रहे होर्डिंग
नगर परिषद के राजस्व को लग रहा चूना, अवैध होर्डिंग हटाने के नाम पर की जा रही खानापूर्ति
शहर में बिना अनुमति दीवारों, पेड़ों और बिजली के खंभों पर लगाए गए हैं होर्डिंग्स और पोस्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर में बिना टैक्स चुकाए होर्डिंग विभिन्न जगह चमकते नजर आ रहे हैं। इनसे शहर की सूरत बिगड़ती जा रही है। इससे नगर परिषद को होने वाले राजस्व को भी साफ तौर पर चूना लगता नजर आ रहा है। आलम यह है कि अब शहर के बिजली और टेलीफोन समेत अन्य खंभों समेत बिजली के ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए जालों पर भी विभिन्न प्रकार के होर्डिंग या प्रचार-प्रसार की सामग्री साफ देखने को मिल रही हैं। बावजूद इसके प्रशासन और नगर परिषद बिना अनुमति के अवैध होर्डिंग लगाने वालों और उन्हें हटाने वालों के खिलाफ महज खानापूर्ति करती ही नजर आ रही है। इसका नतीजा यह है कि अपने ब्रांड, शैक्षणिक संस्थान के प्रचार-प्रसार के चक्कर में लोगों के घरों तक को बख्शा नहीं जा रहा है। बिना अनुमति ही सरकारी खंभों, पेड़ों और ट्रांसफार्मर के जालों पर भी होर्डिंग और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। वहीं, अधिकारियों की ओर से अवैध होर्डिंग और पोस्टर को हटाने के नाम पर महज कागजी खानापूर्ति ही की जा रही है। नियमानुसार शहर में किसी प्रकार के होर्डिंग या पोस्टर लगवाने से पूर्व नप चंबा की अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके लिए नियमानुसार शुल्क निर्धारित किया गया है। बावजूद इसके नियमों को धत्ता बताकर अवैध होर्डिंग धारक प्रशासन और नप को चूना लगाने से पीछे नहीं रह रहे हैं। उधर, नगर परिषद के कार्यवाहक कार्यकारी अधिकारी संदीप कुमार का कहना है कि अवैध लगे होर्डिंग को हटाने के लिए कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।