तीसा (चंबा)। जम्मू-कश्मीर की सीमा पर पुलिस बल के साथ कंधे से कंधा लगाकर सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिन-रात तैनात एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) के साथ वेतनमान के नाम पर छलावा किया जा रहा है। एसपीओ को वेतनमान के नाम पर 7,900 रुपये मिलते हैं। जबकि, पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर में एसपीओ को वर्ष 2018 से 18 हजार रुपये वेतनमान मिल रहा है।
वेतनमान में जमीन आसमान का अंतर होने से एसपीओ स्वयं को ठगा महसूस कर रहे हैं। एसपीओ का कहना है कि बजट सत्र में एसपीओ के वेतनमान में महज 500 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अभी तक वह भी उन्हें नहीं मिल पाए हैं। एसपीओ ने सरकार से मांग उठाई है कि 23 वर्षो से महत्वपूर्ण सेवाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें सम्मानजनक वेतनमान प्रदान करते हुए नियमित किया जाए।
एसपीओ देवराज, हरिनाथ, राज कुमार, अमरजीत, विपन, शांता, हेमराज, लेखराज, रामलोक, राम कुमार ने बताया कि जिला में 1998 से एसपीओ पुलिस बल के साथ 24 घंटे सेवारत हैं। जिले में 518 एसपीओ सेवारत हैं। पांगी में 67 एसपीओ, लाहौल-स्पिति में 30 और शेष पांगी के साथ लगती जम्मू-कश्मीर की सीमा पर सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 24 घंटे डयूटी पर रहने के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से उन्हें छह हजार रुपये मानदेय और राज्य सरकार की ओर से 1,900 रुपये मिल रहे हैं। बजट सत्र में 500 रुपये उनके वेतनमान में बढ़ोतरी की गई। अभी तक उन्हें न तो नियमित किया जा सका है और न ही उन्हें सम्मानजनक वेतनमान ही मिल रहा है।