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डॉक्टरों के लौटते ही पटरी से उतरीं स्वास्थ्य सेवाएं

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मेडिकल कॉलेज चंबा की ओपीडी के बाहर लगी लोगों की भीड़। संवाद - फोटो : Chamba
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चंबा। नेशनल मेडिकल काउंसिल का दौरा रदद् होते ही मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गईं।
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गौरतलब है कि सरकार ने एक महीने के लिए 35 विशेषज्ञों को मेडिकल कॉलेज चंबा में प्रतिनियुक्ति पर भेजा था। अब ये डॉक्टर वापस टांडा और शिमला लौट गए हैं। बताया जा रहा है कि किन्हीं कारणों के चलते काउंसिल ने अपना दौरा रद्द करते हुए ऑनलाइन ही मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर लिया। इसके चलते सभी विशेषज्ञ यहां से अपने मूल स्थानों के लिए रवाना हो गए हैं।
एक माह पहले भी सरकार ने 25 विशेषज्ञों के प्रतिनियुक्ति पर चंबा के लिए ऑर्डर निकाले थे। इनमें 12 विशेषज्ञों ने अपनी ड्यूटी से बचने के लिए मेडिकल लीव को हथियार बनाया। इसी लीव के सहारे विशेषज्ञों ने चंबा में नौकरी नहीं की।
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महिला रोग विभाग में एक विशेषज्ञ होने से गर्भवती महिलाओं को चंबा से टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। मंगलवार को भी 24 वर्षीय रिंकी देवी को इसलिए प्रसव के लिए टांडा रेफर कर दिया गया क्योंकि उसका बीपी काफी अधिक था।
चंबा मेडिकल कॉलेज में प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए 35 विशेेषज्ञों की तैनाती कर सरकार वाहवाही लूट रही थी लेकिन उस वाहवाही के पीछे का असली सच अब लोगों के सामने आ गया है। मात्र दस दिन के बाद ही विशेषज्ञों को सरकार ने चंबा से वापस बुला लिया।
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मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि सरकार ने प्रतिनियुक्ति पर 35 विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात किया था। ये विशेषज्ञ वापस जा चुके हैं। सरकार को चिकित्सकों की कमी से अवगत करवा दिया है।
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