सिहुंता (चंबा)। प्रदेश सरकार की ओर से लावारिस पशुओं को संरक्षण देने के लिए पंचायत स्तर पर गोसदनों का निर्माण किया जा रहा है। दूसरी तरफ पंचायतें इन गोसदनों को चलाने के लिए संस्थाओं का इंतजार कर रही है। ऐसा ही मामला भटियात उपमंडल की ग्राम पंचायत सिहुंता में सामने आया है। जहां पंचायत गोसदन के निर्माण कार्य में दिलचस्पी तो दिखा रही है लेकिन, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद गोसदन के संचालन के लिए हामी नहीं भर रही है।
मसलन, करोड़ों रुपये से बनने वाला यह गोसदन निर्माण कार्य के बाद संचालन के लिए संस्था का इंतजार करेगा। जानकारी के अनुसार तीन साल पहले इस गोसदन का निर्माण कार्य शुरू हुआ है। इस गोसदन का निर्माण होने से क्षेत्र के करीब 80 पशुओं को संरक्षण मिलेगा। पंचायत की ओर से इस गोसदन का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। तीन साल का समय बीत जाने के बाद भी यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में लावारिस पशु प्रचंड ठंड में सड़क के किनारे घूम रहे हैं।
पंचायत की ओर से गोसदन का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। कार्य अंतिम चरण में है। जैसे ही यह कार्य पूरा होगा तो प्रशासन को अवगत करवाया जाएगा। साथ ही संस्था के माध्यम से इसे चलाया जाएगा। इस बारे में प्रशासनिक आदेशों का भी इंतजार है।
अनिल शर्मा, प्रधान, ग्राम पंचायत सिहुंता
गोसदन के लिए सड़क नहीं है। इस बारे में खंड विकास अधिकारी को आदेश दिए गए हैं। ताकि चारा पहुंचाने में आसानी हो सकें। एनजीओ आगे आए तो सही रहेगा। इस बारे में पंचायत में बैठक भी की जा चुकी है। तब भी पंचायत ने मना किया और पंचायत प्रबंधन में सक्षम नहीं है।
पारस अग्रवाल, एसडीएम भटियात