चंबा। उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने मादक पदार्थों और नशीली दवाइयों की रोकथाम के लिए जिले में प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिया कि जिले में केमिस्ट की दुकानों में बिकने वाली विशेष श्रेणी की दवाइयों की जानकारी हर माह जिला प्रशासन को उपलब्ध करवाई जाए।
उपायुक्त ने मादक पदार्थों और नशीली दवाइयों के दुष्प्रभावों से जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न विभागों को निर्देशित किया। खासकर सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग और शिक्षा विभाग को यह निर्देश दिए गए कि वे जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान को बढ़ावा दें। उपायुक्त ने कहा कि नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।
इसके साथ ही उन्होंने कोटपा अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मादक पदार्थों और नशीली दवाइयों की समस्या से निपटने के लिए अपनी प्रगति और कार्ययोजनाओं पर चर्चा की। यह बैठक मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और नशीली दवाइयों के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए ठोस कदमों का हिस्सा थी।
अब तक 82 मामले दर्ज
इस बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि मादक पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इस वित्तीय वर्ष में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 82 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें लगभग 32 किलोग्राम चरस और 228 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है।
18 केमिस्ट की दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड
जिला दवा निरीक्षक ने बैठक में जानकारी दी कि जनवरी 2023 से अब तक 212 निरीक्षण किए गए हैं और जनवरी 2024 से अब तक 18 केमिस्ट की दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। यह कदम नशीली दवाइयों के अवैध वितरण को रोकने के लिए उठाया गया है।