लंबे अंतराल के बाद पूर्व मंत्री और सदर सीट से विधायक रहे हर्ष महाजन की घर वापसी ने चंबा की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
हालांकि हर्ष महाजन की यह वापसी निजी कार्यक्रम के तहत हो रही है और राजनीति से वापसी का फिलहाल कोई नाता नहीं है। लेकिन इसके बावजूद हर्ष महाजन के पलायन के अंतराल में अपनी जमीन तलाश रहे नेताओं के चेहरे पर जरूर मायूसी नजर आ रही है। चंबा में कांग्रेस का बहुत बड़ा वर्ग उन्हें चंबा में ही रोकने और वर्ष 2017 का चुनाव सदर सीट से लड़ने के लिए मनाने की तैयारी कर रहा है। जबकि एक वर्ग ऐसा भी है जो इस वापसी से ज्यादा खुश नहीं है। हर्ष महाजन के इस दौरे को लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में बैठकों का दौर जारी है।
मगर इन बैठकों में कुछ जाने पहचाने चेहरे नजर नहीं आ रहे हैं। बैठकों में ज्यादातर वो ही कार्यकर्ता पहुंच रहे हैं जिन्हें हर्ष महाजन से उम्मीदें हैं या पलायन के बावजूद जिन्होंने शिमला में जाकर अपने काम करवाए हैं। चंबा में हर्ष महाजन चंबा से वर्ष 2007-08 में पलायन कर गए थे। उनके जाने के बाद ही सदर सीट से भाजपा का खाता खुल पाया था और पिछले दो चुनाव से यहां कांग्रेस जीत दर्ज नहीं कर पाई है।
हर्ष महाजन की खाली जगह भरने को लेकर कांग्रेस में कशमकश चलती रही है और इस समय करीब एक दर्जन नेता खुद को अगला विधायक बताकर कार्यकर्ताओं के बीच डटे हैं और इनमें से ज्यादातर नेता हर्ष महाजन के चंबा आने की तैयारी को लेकर चल रही बैठकों में अभी तक नहीं पहुंचे हैं। ज्यादातर बैठकें युवा कांग्रेस की मौजूदगी में ही हुई हैं। बहरहाल, चंबा में हर्ष महाजन का यह निजी दौरा राजनीतिक रंग लेता है तो एक साथ कई नेताओं का भविष्य खत्म हो जाएगा और उन्हें दोबारा शून्य से राजनीति शुरू करनी होगी।