चुराह (चंबा)। ग्राम पंचायत चांजू के छह गांव आजादी के 75 साल बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। इसके चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि मुंडोला गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए सात किमी तक विभाग सर्वे कर चुका है। बावजूद इसके अभी तक सड़क कार्य नहीं हो पाया है। ग्रामीणों की मानें तो तीन वर्ष पहले सड़क बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से चांजू से मुंडोला गांव तक सात किमी सड़क बनाने का सर्वे किया गया था जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर थी। इसके बाद विभाग ने चांजू से चार किमी बतानंका तक सड़क का निर्माण कार्य किया। इसके बाद कार्य एक इंच भी आगे नहीं बढ़ाया गया है। इससे ग्रामीण खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
ग्राम पंचायत चांजू के तहत बतांनका, ड्रियाला, पथवाल, जेरा, बडेत्रा और मुंडोला गांव आज भी सड़क सुविधा से कोसों दूर हैं। सड़क बनने से छह गांवों की तीन हजार आबादी को लाभ मिलने वाला था। मुंडोला गांव चांजू पंचायत का सबसे बड़ा गांव है जहां पर सबसे ज्यादा मटर और सेब की फसल होती है। सड़क नहीं होने की वजह से लोगों की आधी से ज्यादा फसल रास्ते में ही खराब हो जाती है।
ग्रामीणों खेम राज, भुवनेश कुमार, कमल कुमार, मदन लाल, रमेश कुमार और राकेश कुमार ने बताया कि गांवों में अगर कोई व्यक्ति बीमार हो जाए तो पालकी में उठाकर लगभग सात किमी दूर सड़क तक पहुंचाना पड़ता है तब जाकर एंबुलेंस के जरिये मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाता है। कई बार समय पर प्राथमिक उपचार न मिलने पर लोग बीच रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। ग्राम पंचायत चांजू के प्रधान टेकू शर्मा का कहना है कि गांवों तक सड़क पहुंचाने के लिए कई बार विभाग को अवगत करवाया गया है।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता शैलेश राणा ने बताया कि चार किमी सड़क का कार्य शुरू हो चुका है। कहा कि केस बनाकर वन्य प्राणी विभाग को भेजा गया है। मंजूरी मिलने पर कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।