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Chamba News: पिछले साल ओलों, इस बार सूखे ने तोड़ दी सेब की अच्छी पैदावार की उम्मीद

Wed, 24 Jan 2024 10:57 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में जनवरी के अंत में भी बर्फबारी नहीं होने से बागवान चिंतित हैं। बर्फबारी न होने का सीधा असर सेब पर पड़ेगा।
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पिछले साल सेब की फसल को ओलावृष्टि ने बर्बाद कर दिया था। इस साल बागवानों की फसल को बर्फबारी नहीं होने से नुकसान पहुंचेगा। बीते साल जुलाई में ओलावृष्टि होने से 75 प्रतिशत फसल तबाह हो गई थी। कई बागवानों ने बगीचों में पेड़ों पर लगे सेब ही नहीं उतारे। ओलावृष्टि से सेब दागी हो चुके थे। जिसे खरीदने से खरीदार मना कर रहे थे। ऐसे में बागवानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। इस साल बागवानों को अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन इसे बर्फबारी ने तबाह कर दिया है।

बीते साल अधिकतर बागवानों ने सेब पौधों के ऊपर कीटनाशक दवाइयों सहित जो अन्य खर्च किया था। उसके पैसे भी फसल से वसूल नहीं कर पाए, जबकि इस साल जनवरी के अंत तक बर्फबारी न होने के कारण सेब फसल पर गहरा संकट दिखाई दे रहा है। भरमौर के 70 प्रतिशत लोगों का मुख्य आय का स्रोत सेब की फसल है। इसी फसल से होने वाली कमाई से साल भर उनके घर का चूल्हा चलता है। दिसंबर और जनवरी में बर्फबारी होने से सेब के पौधों को एक हजार से ऊपर चिलिंग ऑवर्स मिल जाते हैं। इससे अच्छी फसल होने की संभावना रहती है।
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बागवान जोगिंदर, नरायण, मदन, बालो राम, जीत राम, रवि कुमार, अमित कुमार और केवल ने बताया कि बीते साल ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई थी, जबकि इस बार समय पर बर्फबारी न होने से फसल पर संकट के बादल दिखने शुरू हो गए हैं। उधर, बागवानी विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ आशीष शर्मा ने बताया कि पहले 12 हजार से ऊपर मीट्रिक टन सेब होता था। बीते साल साढ़े पांच हजार मीट्रिक टन सेब हुआ। इस बार मौसम की जो हालात जनवरी तक बनी है, उसके मुताबिक आधी फसल होने के अनुमान लग रहे हैं। सेब के लिए 1000 से 1600 के बीच चिलिंग ऑवर्स होना जरूरी है।

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