जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रहा हिमकेयर-आयुष्मान कार्ड का लाभ
सरकार ने एक साल पहले कर दिया है क्लर्क का तबादला, दूसरे की नहीं की तैनाती
रोजाना रहती है 100 से अधिक ओपीडी, सरकार की योजना का लाभ न मिलने से लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सरकार कहती है इलाज मुफ्त है लेकिन जिला आयुर्वेदिक अस्पताल की हकीकत कुछ और कहानी बयां करती है। अस्पताल में मरीजों को डॉक्टर की सलाह तो मुफ्त मिल जाती है, मगर दवाइयों और जरूरी जांचों के लिए उन्हें जेब ढीली करनी पड़ती है।
अस्पताल में क्लर्क का पद एक साल से खाली है। आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड हाथ में लिए मरीज जब काउंटर पर पहुंचते हैं तो स्टाफ की कमी होने की बात कहकर उन्हें टाल दिया जाता है।
एक साल पहले जब क्लर्क (जेओआईटी) का सरकार ने तबादला किया तो उनके स्थान पर दूसरे क्लर्क की तैनाती नहीं की। सरकार को पता था कि अस्पताल में एक ही क्लर्क है और उसके चले जाने से मरीजों को आयुष्मान और हिमकेयर योजना का लाभ भी नहीं मिरेगा। अस्पताल प्रबंधन ने भी सरकार को अवगत करवाया लेकिन हैरानी इस बात की है कि सरकार ने क्लर्क का तबादला दूसरे अस्पताल में कर दिया। यही वजह है कि एक साल से मरीज मुफ्त इलाज की राह ताक रहे हैं।
आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड होने के बावजूद उन्हें लाभ नहीं मिल रहा है। दोनों कार्ड के पंजीकरण और इलाज के संबंध में ऑनलाइन सत्यापन करने के लिए कोई क्लर्क अस्पताल में कार्यरत नहीं है। इसके चलते डॉक्टर चाहकर भी मरीजों का इलाज मुफ्त नहीं कर पा रहे हैं।
तीमारदारों में रवि कुमार, शेर सिंह, कमल कुमार, विनोद कुमार, शम्मी कुमार, करण महाजन, देसराज और अशोक कुमार ने बताया कि जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक ओपीडी रहती है। जिले भर से मरीज बीमारी का इलाज करवाने के लिए यहां आते हैं लेकिन उन्हें सरकार की योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
हर समय भर्ती रहते हैं 10 से 15 मरीज
अस्पताल में 10 से 15 मरीज हर समय उपचाराधीन रहते हैं। इन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। जब वे आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड स्टाफ को दिखाते हैं तो उन्हें जवाब दिया जाता है क्लर्क न होने के कारण ये कार्ड यहां नहीं चल सकते।
सरकार से स्टाफ के रिक्त पदों को भरने की मांग की गई है। जैसे ही क्लर्क तैनात होगा, मरीजों को हिमकेयर और आयुष्मान योजना का लाभ भी मिलना शुरू हो जाएगा। - डॉ. दलीप शर्मा, जिला आयुष अधिकारी