मौके पर उखड़ी मिली पेयजल लाइन, अधिकारी ने रिपोर्ट करवाई तैयार
बोले- समाधान के लिए लोग प्रशासन के समक्ष रखें अपनी आपत्तियां
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। भजोत्रा और बाड़का पंचायतों की सीमा पर खरेड़ नाले में नाबार्ड के तहत स्वीकृत 2.81 करोड़ की धार-ग्वालू-करवाल पेयजल योजना को लेकर उपजे विवाद के बाद सोमवार को जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता मनोहर शर्मा पहुंचे।
उन्होंने मौके पर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। मौके पर पेयजल लाइन उखड़ी पाई गई। ग्रामीणों ने कार्य का विरोध करते काम रुकवा दिया था। उनका आरोप है कि नाले से पानी दूसरी पंचायतों की ओर मोड़े जाने से उनके प्राकृतिक जलस्रोत और घराट प्रभावित हो सकते है।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों में घिंदरो, अमरचंद, मीरचंद, सकतो सिंह, राम चमारू, राम राकेश, प्यार सिंह, रत्न चंद, प्रीतम, प्रेम लाल, शाम लाल, विपिन, तिलक राज और सुनील ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों और आशंकाओं का समाधान नहीं होगा, कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पूर्व भी ग्रामीणों ने योजना का कार्य रुकवाया था। पूर्व प्रधान विपन कपूर ने कहा कि विकास कार्य आवश्यक हैं लेकिन स्थानीय लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से सभी पक्षों को साथ बैठाकर समाधान निकालने की मांग की।
जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता मनोहर शर्मा ने कहा कि यह सरकार की ओर से स्वीकृत पेयजल परियोजना है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में पेयजल सुविधा को सुदृढ़ करना है। निरीक्षण में विभाग की ओर से बिछाई पाइपलाइन उखड़ी हुई पाई गई है। मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोग अपनी आपत्तियां प्रशासन के समक्ष रखें ताकि संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जा सके।