चंबा। जिले के बागवान कैंकर रोग से सेब की रोकथाम के लिए बगीचों में जल्द स्प्रे करना शुरू कर दें। कैंकर रोग की चपेट में आने से पौधे सूखने लगते हैं। इससे बचाव के लिए बागवान पहले ही सेब बगीचों में स्प्रे कर लें।
उद्यान विभाग ने जिले के बागवानों के लिए इसके लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। कहा है कि विभाग के पास दवाइयों की खेप भी पहुंच गई है। दवाइयां उपमंडल स्तर पर भेज दी गई हैं। इससे बागवानों को बगीचों में छिड़काव को कीटनाशक खरीदने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बागवान अपने नजदीकी उपकेंद्रों से दवाइयां ले सकते हैं।
गौरतलब है कि दिसबंर में बागवान सेब बगीचों की सफाई करने में जुट जाते हैं। उससे पहले कैंकर रोग की रोकथाम के लिए स्प्रे काफी जरूरी होती है। सेब के बगीचे कैंकर रोग की चपेट में आने से बागवानों को परेशानी हो सकती है। कैंकर रोग में सेब की टहनी की छाल फट जाती है। इससे टहनियां भी सूख जाती हैं। इन दिनों तेज धूप होने और वातावरण में कम नमी होने के कारण यह दिक्कत उत्पन्न हो सकती है।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने कहा कि हवा में जब नमी होती है तो कैंकर रोग नहीं होता है। दक्षिण की तरफ जो सेब के पौधे होते हैं, उनका रंग हल्का लाल होना शुरू हो जाता है। पोषक तत्व जमीन से ऊपर या नीचे जा रहे होते हैं। कैंकर रोग से सेब पौधों के टिशू फट जाते हैं। पौधा टेढ़ा हो जाए हो तो वहां इसका असर ज्यादा होता है। बारिश न होने से कैंकर रोग हो सकता है। इसलिए बागवान जल्द दवाइयों का छिड़काव शुरू कर दें।