चंबा। 32 वर्षों तक नौकरी के बाद सेवानिवृत्ति पर जीपीएफ, ग्रेच्युटी और छुट्टी के पैसों के रूप में मिलने वाले करीब 10 लाख 44 हजार 542 की राशि को हड़पने का मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग मंडल सलूणी के सब डिवीजन कोटी से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी ने इसका खुलासा किया है। बहरहाल कहीं से भी न्याय न मिलने पर प्रभावित ने विजिलेंस विभाग के महानिदेशक तो शिकायत भेज जांच की गुहार लगाई है।
प्रभावित चमारू राम ने बताया कि वर्ष 1978 में लोक निर्माण विभाग में बतौर पलंबर ड्यूटी ज्वाइन की। जिसके बाद दिसंबर माह में ही वह नियमित हुआ। अमूमन 32 वर्षों तक विभाग में नौकरी करने के बाद वर्ष 2010 में वह सेवानिवृत्त हुआ। छुट्टियों की एवज में 2 लाख 21 हजार, 870 रुपये की राशि जो उसे मिलनी थी उसे किसी ने जाली साइन कर हड़प लिया। इसके अलावा सामान्य भविष्य निधि के रूप में 4 लाख 57 हजार 104 रुपये की राशि भी जाली हस्ताक्षर कर हड़प ली गई। संशोधित डीसीआरजी के रूप में वर्ष 2011 में 21 हजार 669 रुपये की राशि और डीसीआरजी के तहत वर्ष 2010 में मिलने वाली तीन लाख, 43 हजार 899 रुपये की राशि भी फर्जी हस्ताक्षर कर हड़पी गई है। प्रभावित चमारू राम ने बताया कि किसी भी दस्तावेज पर उसके हस्ताक्षर नहीं है और राशि भी हस्ताक्षर करने वाला व्यक्ति ही हड़प गया। कुल मिला कर चमारू राम ने उसे मिलने वाली 10 लाख 44 हजार 542 की राशि के गबन किए जाने की बात कही है। इस मामले को लेकर वे कई मर्तबा सब डिवीजन तक के चक्कर लगा चुके हैं। बावजूद इसके उन्हें कहीं से भी न्याय नहीं मिला। ऐसे में थक हार कर अब उन्होंने विजिलेंस विभाग के महानिदेशक से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
लोनिवि सलूणी के अधिशासी अभियंता सुरेश चंदेल ने बताया कि उनके पास इस बारे कोई शिकायत नहीं पहुंची है। यदि ऐसी बात है तो प्रभावित उनसे आकर मिले। जिसके बाद मामले की गहनता से तफ्तीश कर दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा सके।