भरमौर (चंबा)। बग्गा से लेकर लूणा तक भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे की हालत बेहद दयनीय हो चुकी है। सड़क पर तारकोल का नामोनिशान मिट चुका है और हालात ऐसे हैं कि समझ नहीं आता कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच कहीं सड़क बची है।
हाईवे का लगभग 25 किलोमीटर का यह हिस्सा लंबे समय से खस्ताहाल स्थिति में है, जिससे वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल चलने वाले राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाईवे की खराब हालत के कारण वाहनों में सफर करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। उबड़-खाबड़ रास्ते पर यात्रियों को लगातार झटके सहने पड़ रहे हैं।
गभवतियों सबसे अधिक दिक्कत
स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे अधिक दिक्कत भरमौर से चंबा मेडिकल कॉलेज इलाज करवाने आने वाली गर्भवती महिलाओं को होती है, जिन्हें इस कठिन मार्ग पर सफर करना बेहद मुश्किल हो जाता है।
लोगों ने मांगी राहत
स्थानीय निवासी रवि कुमार, केवल, सुरेंद्र, योगराज, हंसराज, प्यार सिंह, मनीष और सुनील का कहना है कि हाईवे की हालत काफी महीनों से खराब है, लेकिन सुधार के कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आ रहे। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने एनएच की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत कर दिया है, फिर भी सड़क पर किसी प्रकार का कार्य शुरू नहीं हुआ। लोगों ने सरकार और प्राधिकरण से जल्द से जल्द बग्गा से लूणा तक हाईवे की स्थिति सुधारने की मांग की है।
हाईवे की मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा और लोगों को जल्द ही राहत मिलेगी। मीत कुमार, अधिशासी अभियंता, एनएच प्राधिकरण
95 करोड़ से फिरेंगे दिन
रावी नदी के उफान से क्षतिग्रस्त हो रहे भरमौर-पठानकोट हाईवे को 95 करोड़ रुपये से सुरक्षित किया जाएगा। बग्गा, लोथल, रूंगड़ी नाला, लोथल और चूड़ी समेत हाईवे की अन्य जगहों पर मरम्मत कार्याें के साथ नदी के किनारे आर री वॉल और आरसीसी वॉल से यह सुरक्षा कवच पहनाया जाएगा।