न्यायालय ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा, कथित भूमिका और अन्य संलिप्त लोगों की जांच में जुटी पुलिस
12 अक्तूबर को मिले थे गोवंश के अवशेष, गिरफ्तारी के बाद पूछताछ शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सिल्लाघ्राट क्षेत्र की घघरौता पंचायत के जलेदा जंगल में गोवंश के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वीरवार रात को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया।
शुक्रवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चारों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े तथ्यों और उनकी कथित भूमिका की जांच कर रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोशन (37) और कादर (28), निवासी गांव महन, डाकघर सिल्लाघ्राट, मोहम्मद रफी (33), निवासी गांव गलेथ, डाकघर सिल्लाघ्राट और बाग हुसैन (30), निवासी गांव महन, डाकघर सिल्लाघ्राट, तहसील एवं जिला चंबा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश गोवंश वध निषेध अधिनियम, 1979 की धारा आठ के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर गोवंश के अवशेष मिलने की परिस्थितियों, मामले में उनकी कथित संलिप्तता और अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य भी जुटा रही है।
पुलिस अधीक्षक चंबा विजय सकलानी ने बताया कि चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। न्यायालय ने उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला
12 अक्तूबर को सिल्लाघ्राट क्षेत्र की घघरौता पंचायत के जलेदा जंगल में गोवंश के अवशेष मिले थे। मौके पर खाल, पूंछ, पैर का हिस्सा और खून के निशान पाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 14 अक्तूबर को विभिन्न हिंदू संगठनों ने चंबा बाजार में प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। इस दौरान बाजार बंद रहा और चक्का जाम भी किया गया। इसके बाद पुलिस ने जंगल से उडाण धार तक तलाशी अभियान चलाया और पूछताछ की। 15 अक्तूबर की रात चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।