चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में दस मेडिसिन विशेषज्ञों के पद खाली पड़े हैं। इसके चलते अस्पताल में इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे सैकड़ों लोगों को परेशानी हो रही है।
मेडिकल कॉलेज में केवल चार मेडिसन विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन पर प्रशिक्षुओं की पढ़ाई के साथ मरीजों की देखभाल का जिम्मा भी है। इनमें से दो विशेषज्ञों को ओपीडी और दो को मेडिसन और सभी वार्डों के साथ-साथ एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की पढ़ाई भी करवानी पड़ रही है।
इसके अलावा कोविड अस्पताल का जिम्मा भी इन्हीं विशेषज्ञों के हवाले है। इमरजेंसी और इंडोर सेवाओं के अलावा जनमंच कार्यक्रम सहित किसी वीआईपी के साथ भी इन्हीं विशेषज्ञों को अपनी ड्यूटी देनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज में 14 मेडिसन विशेषज्ञों के पद स्वीकृत हैं। लेकिन इस समय चार ही विशेषज्ञ सभी कामों का निपटा रहे हैं।
हर दिन तीन सौ की होती है ओपीडी
चंबा मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग में डॉक्टर पंकज गुप्ता, डॉ. संजय, डॉ. उमर जलाली और डॉक्टर गगन सेवाएं दे रहे हैं। मेडिसन ओपीडी में रोजाना 200 से 300 मरीज अपना चेकअप करवाने के लिए पहुंचते हैं। वार्ड में दर्जनों की संख्या में मरीज दाखिल हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में चार सत्र के 400 एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की पढ़ाई भी इन्हीं विशेषज्ञों को करवानी पड़ रही है। इसकी वजह से कई बार विशेषज्ञ ओपीडी में समय पर नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों को ओपीडी के बाहर विशेषज्ञ के इंतजार में बैठना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन कई बार प्रदेश सरकार से चंबा में विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने की मांग कर चुका है लेकिन अभी तक सरकार ने इस दिशा में कोई भी सकारात्मक कदम नहीं उठाया है।
मेडिसन विभाग के एचओडी और कार्यकारी प्राचार्य डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि मेडिसन विभाग में विशेषज्ञों की भारी कमी है। इसकी वजह से सभी सेवाओं को चलाना चार विशेषज्ञों के लिए चलाना मुश्किल हो रहा है। इसलिए सरकार को समय रहते चंबा में विशेषज्ञों की तैनाती करनी चाहिए। इसके लिए सरकार को भी अवगत करवाया जा चुका है।