वन विभाग ने चुराह घाटी की बोंदेड़ी पंचायत के मंडूण गांव में लगभग तीन बीघा आठ विस्वा वन भूमि को अतिक्रमणकारियों के कब्जे से छुड़ाया। इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए शुक्रवार सुबह से वन विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर गई हुई थी।
अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति भीखा राम पुत्र जसु राम को इससे पहले वन विभाग ने कई बार वन भूमि से कब्जा हटाने के नोटिस थमाए थे। जहां पर कब्जाधारी ने सेब के लगभग बत्तीस पौधे लगा रखे थे। जबकि बाकी की जमीन पर पिछले एक दशक से खेती कर रहा था।
विभाग ने कार्रवाई करते हुए जहां वन भूमि पर अवैध रूप से लगाए गए सेब के पौधों को काट कर हटा दिया। वहीं पुलिस की मौजूदगी में वन भूमि पर कंटीली तार भी लगा दी गई। विभाग की इस कार्रवाई की चर्चा पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई है। माननीय न्यायालय के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में वन भूमि को अवैध कब्जाधारियों से छुड़ाने के लिए वन विभाग ने मुहिम छेड़ रखी है।
इसी के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उधर इस मामले के सामने आने के बाद उपमंडल में अन्य जगह पर वन भूमि के कब्जाधरियों के हाथ पांव फूलना शुरू हो गए हैं। इस कार्रवाई को करके वन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी सूरत में वन भूमि पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।
नोटिस के बावजूद नहीं माना कब्जाधारक : परिक्षेत्र अधिकारी
वन परिक्षेत्र अधिकारी महेंद्र पॉल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कब्जाधारी को कई बार नोटिस दिए गए थे। लेकिन जब उसने अतिक्रमण नहीं हटाया तो वन विभाग को मजबूरी में पुलिस की सहायता से वन भूमि पर अतिक्रमण हटाना पड़ा।