चुराह की घुलेई पंचायत के लदरोगा गांव में रहने वाले परिवारों के लिए प्रशासन ने खाने-पीने की व्यवस्था प्राथमिक पाठशाला में करवा दी है। रविवार रात को पंचायत प्रधान ने इस गांव को खाली करवा दिया था क्योंकि गांव के ऊपर भूस्खलन होने से बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरने का खतरा मंडरा रहा है। ये चट्टानें कभी भी गांव में खतरा बनकर कहर बरपा सकती हैं। इसके चलते गांव में रहने वाले 14 परिवारों को रविवार रात को ही दूसरे गांव और स्थानीय स्कूल में ठहरा दिया गया था। सोमवार को एसडीएम तीसा जोगिंद्र पटियाल राजस्व और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर लदरोगा गांव पहुंचे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि गांव के लिए खतरा बनी इन चट्टानों को शीघ्र तोड़ा जाए। वहीं, लोक निर्माण विभाग ने चट्टानों को तोड़ने वाली कंप्रेशर मशीनों के साथ जेसीबी मशीनें लगा दी हैं। जब तक ये चट्टानें यहां से नहीं हटाई जातीं, तब तक गांव के परिवारों को स्कूल और दूसरे घरों में ही रखा जाएगा। उनके खाने-पीने सहित अन्य जरूरतों के सामान को उपलब्ध करवाने के लिए पंचायत प्रधान को निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए प्रशासन की तरफ से पंचायत को पूरी मदद की जा रही है। सोमवार को गांव के कुछ परिवारों ने अपने रिश्तेदारों के घरों में पनाह ले ली जबकि अधिकतर परिवार अभी भी स्कूल में ठहरे हुए हैं।
एसडीएम जोगिंद्र पटियाल ने बताया कि उन्होंने स्वयं लदरोगा गांव का निरीक्षण किया है। गांव के ऊपर जो चट्टानें हैं, उन्हें तोड़ने का कार्य आरंभ करवा दिया गया है। साथ ही स्कूल में ठहराए गए परिवारों के लिए भी खाने-पीने की व्यवस्था करवा दी गई है।