चंबा। लिल्हकोठी महाविद्यालय में वाणिज्य, इतिहास, अंग्रेजी और संगीत विषयों के प्रवक्ताओं के पद खाली पड़े हैं। महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता न होने से 165 विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। वर्तमान समय में महाविद्यालय में महज दो ही प्रवक्ता अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रवक्ताओं के पदों के अभाव में बच्चों को जरूरी विषयों का संपूर्ण ज्ञान नहीं मिल पा रहा है। इससे अभिभावक वर्ग को भी अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। अभिभावकों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने महाविद्यालय तो खोल दिए हैं लेकिन, प्रवक्ताओं के रिक्त पदों को भरने के बजाय तैनात प्रवक्ताओं के तबादले किए जा रहे हैं।
अभिभावकों रोशन कुमार, राज कुमार, सुनील कुमार, सुशील कुमार, संजय कुमार, विजय कुमार और राजेश कुमार का कहना है कि कॉलेज में शिक्षा अर्जित करने के लिए जिले के दुर्गम क्षेेत्रों से विद्यार्थी तीन से चार घंटे सफर तय कर पहुंचते हैं लेकिन स्टाफ के अभाव में विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। निर्धन परिवारों से ताल्लुक रखने वाले विद्यार्थी 30 किलोमीटर का सफर तय कर जिला मुख्यालय चंबा जाने के बजाए घर पर बैठने के लिए विवश हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से लिल्हकोठी महाविद्यालय में रिक्त प्राध्यापकों के पदों को भरने की मांग की है। लिल्हकोठी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवदयाल शर्मा का कहना है कि महाविद्यालय में पांच प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। वर्तमान में कॉलेज में दो प्रवक्ता ही सेवाएं दे रहे हैं। पदों को भरने के बारे में विवि प्रशासन को लिखा गया है।