चंबा। जय किशन के परिवार के लिए शुक्रवार की सुबह कभी न भरने वाला जख्म छोड़ गई। पहले ही घर का चिराग बुझ चुका था और अब बुढ़ापे का एकमात्र सहारा भी असमय दुनिया छोड़ गया। हेंठ नाला हादसे में विद्या लाल की मौत से पूरा गांव शोक में डूब गया है।
जानकारी के अनुसार जय किशन के पेशे दामाद विद्या लाल शुक्रवार सुबह घर से यह कहकर निकले थे कि जम्मू से कुछ सामान लेकर आएंगे और रास्ते में अपने गांव सम्यास लुणी में परिजनों से भी मिलते जाएंगे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि महज सात-आठ किलोमीटर की दूरी पर मौत उनका इंतजार कर रही है।
जैसे ही दुर्घटना की खबर गांव और घर पहुंची, हर कोई स्तब्ध रह गया। घर में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पेश से चालक विद्या लाल अपने पीछे पत्नी, तीन बच्चे और बुजुर्ग सास-ससुर को छोड़ गए हैं। तीनों बच्चे क्रमशः पांचवीं, छठी और सातवीं कक्षा में पढ़ते हैं।
पत्नी की उम्र लगभग 30 वर्ष है, जबकि सास-ससुर की उम्र 60 से 62 वर्ष के बीच बताई जा रही है। विद्या लाल परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके अचानक चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बुजुर्ग सास-ससुर, पत्नी और मासूम बच्चे अपना जीवन यापन कैसे करेंगे।
ग्राम पंचायत लुज के उपप्रधान पान राज ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व जय किशन के बेटे की भी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी की शादी विद्या लाल से कर उन्हें घर जमाई के रूप में रखा था, ताकि वह बुढ़ापे में उनका सहारा बन सकें और देखभाल कर सकें, पर नियति को कुछ और ही मंजूर था।