चंबा। फायर सीजन शुरू होने पर वन विभाग ने अपने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। फायर सीजन से निपटने के लिए रेंज स्तर पर टीमों का गठन किया गया है। जो दिन-रात जंगलों की रखवाली के लिए गश्त करेंगी। हर टीम पेट्रोलिंग करने के उपरांत वन परिक्षेत्र अधिकारी के कार्यालय में अपनी रिपोर्ट देगी। जहां पर पेट्रोलिंग की जानकारी वनमंडल अधिकारी के पास जाएगी।
फायर सीजन में जंगलों और जानवरों को बचाने के लिए इस बार वन विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। चंबा वन मंडल में वनरक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की गई हैं। इमरजेंसी होने पर ही कर्मचारी छुट्टी ले पाएंगे। ग्रामीण स्तर पर वन विभाग ने फायर वॉचरों की भी तैनाती की है। जो जंगल में आग लगाने वालों पर नजर रखेंगे। जैसे ही कोई व्यक्ति जंगल में आग लगाता हुआ उन्हें नजर आएगा तो उसकी जानकारी तुरंत विभाग को देंगे।
चंबा जिले में पिछले साल कोरोना संक्रमण की वजह से जंगलों में आग की घटनाएं काफी कम दर्ज हुई थीं, लेकिन इस बार ये घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसलिए वन विभाग पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। इस बार वन विभाग की ओर से जंगलों को आग से बचाने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। चंबा वन मंडल में एक मोबाइल वैन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। इस वैन के जरिये वन विभाग की टीमें रात को पेट्रोलिंग कर जंगलों की रखवाली करेंगी। वन विभाग की तैयारियों को देख लगता है कि इस बार फायर सीजन में वन संपदा को कम नुकसान पहुंचेगा।
वनमंडल अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि फायर सीजन को ध्यान में रखते हुए वन विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की गई हैं। इमरजेंसी होने पर ही कर्मचारी छुट्टी ले पाएंगे। जंगलों की सुरक्षा को लेकर रेंज स्तर पर टीमों का गठन किया है।