सूही माता मंदिर के साथ लगते जंगल में रविवार सुबह आग लगने से वन संपदा को काफी नुकसान हुआ है। वहीं इस आग में कई रेंगने वाले जीव चपेट में आकर स्वाह हो गए हैं। रविवार सुबह किसी अज्ञात व्यक्ति ने सूही माता मंदिर के साथ लगते जंगल में आग लगाई थी।
दोपहर बाद तक वन विभाग की ओर से कोई भी कर्मचारी जंगल की आग बुझाने के लिए नहीं पहुंचा। जिसके कारण जंगल की आग धीरे-धीरे बढ़ती रही और सारे जंगल में फैलती गई। स्थानीय निवासी अजय कुमार, जय सिंह, मनोज कुमार, प्यार सिंह, टेक चंद, अशोक कुमार, सुरेश, ओमकार सिंह, रोशन लाल, देवी सिंह, रूप लाल और मान सिंह ने बताया कि गर्मियां शुरू होते ही जंगल में आग लगने का दौर शुरू हो जाता है। सूही माता मंदिर के साथ लगते जंगल में हर वर्ष अज्ञात लोगों द्वारा जंगल में आग लगाई जाती है। अभी तक जंगल में आग लगाने वाले वन विभाग के काबू में नहीं आ सके हैं। उन्होंने कहा कि जंगल में आग लगने से कई रेंगने वाले जीव और पक्षियों के घोंसले आग की चपेट में आने से स्वाह हो जाते हैं।
इसके अलावा वन संपदा को भी काफी नुक्सान पहुंचता है। उन्होंने वन विभाग व जिला प्रशासन से मांग की है कि जंगल में आग लगाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उधर, वन अरण्यपाल डीआर कौशल ने बताया कि सूही माता के साथ जंगल में आग लगने की सूचना मिलते ही कर्मचारियों को आग बुझाने के लिये भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि जंगल में आग लगाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ वन विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।