चंबा। 15 से 20 साल तक निरंतर सेवाएं देने वाले ग्राम समूह आयोजकों को अब बाहर का रास्ता दिखा दिया है। चंबा और कांगड़ा जिला में केएफडब्लयू परियोजना के तहत कार्यरत 132 कर्मचारियों की सेवाएं 31 अगस्त 2025 को अचानक समाप्त कर दी गईं, जबकि परियोजना की अवधि 31 मार्च 2026 तक निर्धारित है।
नौकरी छिनने से इन कर्मचारियों का परिवार और बच्चों की पढ़ाई संकट में है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी पूरी आजीविका इसी काम पर निर्भर थी। अचानक बेरोजगार कर दिए जाने से घरों के चूल्हे तक बुझने की नौबत आ गई है।
मंजू देवी, पवना देवी, कमलेश कुमार, संतोष कुमारी, रचना देवी, सरिता कुमारी, विनोद कुमारी, सुषमा कुमारी और सरोटी देवी ने कहा कि हमने अपने जीवन के सुनहरे साल इस सेवा को समर्पित कर दिए, लेकिन अब हमें दरकिनार कर दिया है।
कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें या तो निरंतर सेवाओं में रखा जाए या अन्य योजनाओं/परियोजनाओं में समायोजित किया जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेंगे।