डलहौजी (चंबा)। पर्यटन नगरी डलहौजी मार्च के बाद से ही वीरान है और कारोबारी घाटे से नहीं उभर पा रहे हैं। अब कारोबारी बर्फबारी से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मार्च, अप्रैल और मई भारत व पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण निकल गए। इस दौरान बाहरी राज्यों के पर्यटक घूमने नहीं आए, क्योंकि चारों तरफ डर का माहौल बना हुआ था। दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावना चरम सीमा पर पहुंच चुकी थी। उसके बाद लगातार बरसात होती रही। इसमें जून, जुलाई और अगस्त भी मंदी भरे निकले। इन महीनों में भी पर्यटक डलहौजी बहुत कम संख्या में घूमने के लिए पहुंचे। ऐसे में पर्यटन कारोबार से जुड़े व्यवसायी काफी चिंतित हैं। हालांकि उन्हें उम्मीद है कि सर्दियों के सीजन में बर्फबारी का आनंद उठाने वाले पर्यटक ही यहां घूमने के लिए पहुंचेंगे।
होटल एसोसिएशन के महासचिव हरप्रीत सिंह मोनू ने बताया कि इस बार पर्यटन कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। आपदा का दौर सभी लोगों के लिए चुनौती भरा रहा है। ऐसे हालात में व्यवसायी भी प्रभावित हुए हैं। उनका कारोबार पूरी तरह से चौपट रहा। उन्हें अपने कर्मचारियों का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया। अब सभी कारोबारियों की उम्मीदें आगामी दिनों पर टिकी हुई हैं। इसमें डलहौजी में पर्यटकों की भीड़ बढ़ सकती है।