न वन काटुओं को पकड़ पाए वन अधिकारी और न ही मिली पूरी लकड़ी
वन परिक्षेत्र कार्यालय साच से कुछ मीटर की दूरी पर हुआ अवैध कटान
देवदारों के आठ पेड़ों का हुआ कटान, एक पेड़ से निकलते हैं 50 स्लीपर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। वन परिक्षेत्र कार्यालय से सटे जंगल में पहले अधिकारी अवैध कटान रोकने में नाकाम रहे। जब यह मामला उजागर हुआ तो जंगल में कुछ स्लीपरों की रिकवरी कर अपनी ड्यूटी से पल्ला झाड़ लिया।
जंगल में देवदार के हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी किसने चलाई, इसका पता अभी तक नहीं लग पाया है।
सात से आठ देवदार के पेड़ों को अवैध रूप से काटा गया है। एक पेड़ करीब 50 से 60 स्लीपर देता है। ऐसे में वन विभाग को 400 स्लीपर बरामद करने चाहिए थे। उसकी एवज में मात्र 72 स्लीपर ही बरामद किए गए हैं। इसके अलावा वन विभाग के हाथ कुछ भी नहीं लगा है। कार्रवाई के नाम पर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने पुलिस में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है। ये अज्ञात लोग कहां से आए और पेड़ काटकर लकड़ी कहां ले गए, इस बारे में अभी तक कुछ पता नहीं लगा पाए।
पहले तो रेंज स्तर के वन कर्मी इस मामले को अपने स्तर पर निपटाने का प्रयास कर रहे थे। जैसे ही यह मामला डीएफओ के पास पहुंचा तो उन्होंने तुरंत जांच करने के निर्देश जारी किए। उनके निर्देशों के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी अपनी टीम को लेकर जंगल में सक्रिय हुए। इस दौरान 60 स्लीपर जंगल में बरामद किए और 12 स्लीपर स्वास्थ्य विभाग के सब सेंटर कुम्हार में बरामद किए। इन्हें वन काटुओं ने जंगल से ढोकर छिपाया था। बात यहीं खत्म नहीं हो जाती, जब इन स्लीपरों को जंगल से सब सेंटर तक पहुंचाया गया, उस समय वन रक्षक कहां सोया था। कागजों में रोजाना जंगलों में गश्त करने की बात कही जाती है लेकिन धरातल पर जंगलों की रखवाली राम भरोसे रहती है।
उधर, वन मंडल अधिकारी रवि गुलेरिया ने बताया कि अवैध कटान के मामले की जांच की जा रही है। इसमें जो भी अधिकारी और कर्मचारी लापरवाह पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।