चंसबा मेडिकल कॉलेज में नेत्र देखभाल पखवाड़ा के तहत कार्यक्रम के दौरान डॉक्टर और प्रशिक्षु।संवाद
चंबा। पुरानी बीमारी, दृष्टिदोष या चोट के कारण कई लोग अंधकारमय जीवन जीने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में नेत्रदान ही उन्हें नई रोशनी दे सकता है। यह संदेश मेडिकल कॉलेज चंबा में आयोजित राष्ट्रीय नेत्र देखभाल पखवाड़े के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपिन ठाकुर ने दिया। डॉ. बिपिन ठाकुर ने कहा कि एक दयालु दाता का नेत्रदान किसी ज़रूरतमंद को दृष्टि का उपहार प्रदान कर सकता है। कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से अंधेपन की समस्या से जूझ रहे लोगों की जिंदगी बदली जा सकती है। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर पांच सेकंड में कोई न कोई व्यक्ति अंधेपन का शिकार हो रहा है, जो बेहद चिंता का विषय है।
पहला सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण 1905 में किया था, जबकि पहला नेत्र बैंक 1944 में स्थापित हुआ। भारत में अंगदान (कॉर्निया समेत) मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत नियंत्रित है। डॉ. बिपिन ने कहा कि पिछले 38 वर्षों से देशभर में नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है, ताकि भ्रांतियां दूर हों और लोग जागरूक बनें।
भाषण प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा
कार्यक्रम के तहत करवाई गई भाषण प्रतियोगिता में मन्नत ने पहला, सिद्धार्थ ने दूसरा और सारिका ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य ने विजेताओं को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। मानसी और याशिक को सांत्वना पुरस्कार से नवाज़ा गया।
संकल्प का अवसर
वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जालम भारद्वाज ने उपस्थित लोगों को नेत्रदान की शपथ दिलाई। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कविता महाजन, नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. आदित्य कश्यप और जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. करण हितैषी भी मौजूद रहे।