चंबा। उच्च न्यायालय शिमला के आदेशों की अवहेलना करके चंबा का एक सरकारी विभाग चौगान में निर्माण कर रहा है। जबकि उच्च न्यायालय के आदेश हैं कि चंबा चौगान में किसी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि ओर निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता। वहीं, इससे जिला प्रशासन और नगर परिषद भी बेखबर हैं। चौगान को चंबा का दिल कहा जाता है। ऐतिहासिक चंबा नगर की खूबसूरती में चार चांद लगाने वाले चौगान के भाग-2 में जल शक्ति विभाग ने एक स्ट्रक्चर निर्माण किया है, जो चंबा वासियों की आंखों को खटक गया है। यही वजह है कि इसके खिलाफ चंबा के प्रबुद्ध नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है। लोगों ने विभाग और जिला प्रशासन से यह मांग की है कि जल्द से जल्द इस स्ट्रक्चर को वहां से हटाया जाए वरना चंबा की जनता इसके लिए सड़क पर उतरने को मजबूर होगी।
पद्मश्री विजय शर्मा खटखटाएंगे अदालत का दरवाजा
प्रख्यात चित्रकार पद्मश्री विजय शर्मा ने इस काम के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह के भीतर प्रशासन अथवा जल शक्ति विभाग चौगान भाग में बनाए गए स्ट्रक्चर को नहीं हटाता है तो वह उच्च न्यायालय में इसके खिलाफ याचिका दायर करेंगे। शर्मा ने कहा कि वह इस बात को हरगिज बर्दाश्त नहीं करेंगे कि कोई चंबा की ऐतिहासिक धरोहर के साथ खिलवाड़ करे। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशानुसार चंबा चौगान के किसी भी भाग में किसी भी प्रकार की खोदाई और निर्माण नहीं किया जा सकता है।
लोग बोले-धरोहरों की कीमत पर सुविधा स्वीकार्य नहीं
वरिष्ठ नागरिकों डॉ. डीकेसोनी, ओमप्रकाश, लेखराज धीमान, ओमप्रकाश गुलेरिया और निक्कू राम का कहना है कि बेहद अफसोस की बात है कि जल शक्ति विभाग ने चौगान में पक्का निर्माण कर दिया है। चंबा के लोग विकास के खिलाफ नहीं है लेकिन धरोहरों की कीमत पर किसी भी प्रकार की सुविधा स्वीकार्य नहीं है।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि यह बात उनके ध्यान में लाई गई है, जिसके चलते वह इस बारे में पूरी जानकारी हासिल करेंगे और उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इनसेट
नगर परिषद चंबा के कार्यकारी अधिकारी दलीप का कहना है कि उन्होंने चौगान के किसी भी भाग में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य की किसी को भी अनुमति प्रदान नहीं की है।
यह है जल शक्ति विभाग का प्लान
चौगान भाग दो में लोगों की सुविधा के लिए जल शक्ति विभाग की ओर से एक ऐसा प्लांट लगाया जा रहा है। जहां पर लोगों को शहर के पानी की शुद्धता जांच रिपोर्ट रोजाना एलसीडी में नजर आएगी। पीने के पानी में कीड़े मारने वाली दवाई डाली गई थी या नहीं इसकी रिपोर्ट भी जांच में सामने आएगी। जिसे लोग रोजाना अपनी आंखों से देख पाएंगे।