चंबा। भाजपा के पूर्व विधायक पवन नैयर ने आरोप लगाया है कि सत्ता पक्ष का ट्रांसफर गिरोह सरकारी कर्मचारियों को डराकर गलत कार्य करवा रहा है। इसमें कुछ कर्मचारियों की ट्रांसफर की गई। बाद में उन्हें वापस बुला लिया, ताकि वह डरकर उनके कहे अनुसार कार्य करते रहें।
सोमवार को चंबा शहर में पत्रकार वार्ता में उन्होंने जिला प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस बार मिंजर मेले में जनता के पैसे का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा, जो भी कलाकार प्रशासन बुलाना चाहता है, उनके टेंडर ऑनलाइन करवाएं। इसके लिए कलाकारों के नाम भी पहले ही सार्वजनिक कर दें, ताकि बोलीदाता कम रेट पर कलाकारों को बुलाने के लिए टेंडर भर सके।
हर बार सांस्कृतिक संध्या से एक दिन पहले कलाकारों के नाम सार्वजनिक किए जाते हैं। उनके टेंडर भी बंद कमरों में अधिकारी स्वयं ठेकेदारों से मिलकर कर देते हैं। जिस प्रकार से मुख्यमंत्री ने शराब के ठेकों को ऑनलाइन करवाने का निर्णय लिया है, उसी प्रकार से मिंजर में कलाकारों के टेंडर भी ऑनलाइन करवाए जाएं।
उन्होंने कहा कि लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता सोच समझकर कार्य करें, जो भी गलत कार्य किए जा रहे हैं। उन पर पैनी नजर रखी जा रही है। जिनके कहने पर यह कार्य हो रहे हैं, बाद में उन पर नहीं अधिकारियों के पर गाज गिरेगी।
बिजली बोर्ड को घेरते हुए उन्होंने कहा कि 33 केवी लाइन के कार्य में 11 केवी का सामान लगाया जा रहा है। इसमें अधिकारी किसी प्रकार की कोताही न बरतें। लोक निर्माण विभाग हो चुके कार्याें का भुगतान अपने रखे हुए ठेकेदारों को न करे। इसका खुलासा आरटीआई में जानकारी लेकर किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग ने सारी हदें पार कर दी हैं यहां स्वयं कार्य करवाकर ठेकेदारों के खाते में पैसे डाले जा रहे हैं। बाद में उसे मिल बांटकर खाया जा रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेजरी सिर्फ चंबा में बंद है। भटियात, शिमला और हमीरपुर में कोई ट्रेजरी बंद नहीं है। नेताओं से फोन करवाने वाले ठेकेदारों के भुगतान हो रहे हैं, जबकि गरीब ठेकेदार अपने भुगतान को लेकर तरस रहे हैं।