चंबा। जिले में इलेक्ट्रिक बसें चलाने का मामला लटकता जा रहा है। सात इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए निगम प्रबंधन ने सात महीने पहले प्रस्ताव तो भेजा था, लेकिन अभी तक न तो बसें मिल पाई हैं और न ही चार्जिंग स्टेशन स्थापित हो पाए हैं।
चंबा छह और भटियात क्षेत्र में एक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव अभी फाइलों में ही घूम रहा है। शहर के चालीस किलोमीटर के दायरे में इलेक्ट्रिक बसें चलने से लाेगों को काफी सुविधा मिलनी थी, लेकिन लोगों को इनके लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। उधर, निगम का चंबा डिपो पहले ही बसों की कमी से जूझ रहा है। बसों की हालत खस्ता होने के कारण कई रूट बंद करने पड़े हैं। ऐसे में शहर के दायरे में इलेक्ट्रिक बसें चलने से राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल पाई है।
गौरतलब है कि निगम प्रबंधन ने चंबा में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना बनाई थी। ये बसें चालीस किलोमीटर के दायरे में चलनी हैं। निगम प्रबंधन ने 22 इलेक्ट्रिक बसों की मांग की थी। सात माह बाद भी इलेक्ट्रिक बसें नहीं आई हैं। ऐसे में लग रहा है कि इलेक्ट्रिक के बजाय अब चंबा डिपो को डीजल बसें ही मिलेंगी।
एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने कहा कि डीजल और इलेक्ट्रिक बसों की मांग का प्रस्ताव भेजा गया है। इसे अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। चार्जिंग स्टेशन बनने के लिए सरकार की ओर से आदेश नहीं आए हैं।