सामुदायिक उत्तरदायित्व योजना के तहत करीब सात करोड़ खर्च, भवन विहीन स्कूलों के विद्यार्थियों को राहत
प्राइमरी से माध्यमिक पाठशालाएं शामिल, बच्चों को मिला पढ़ाई का बेहतर ठिकाना
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। रावी नदी पर स्थापित जलविद्युत परियोजनाओं से होने वाली कमाई का लाभ अब चंबा के विद्यार्थियों को भी मिल रहा है। सामुदायिक उत्तरदायित्व योजना के तहत जिले के भवन विहीन स्कूलों को नए भवनों की सौगात मिली है।
करीब सात करोड़ रुपये खर्च कर 30 स्कूलों के भवन तैयार किए गए हैं। इससे लंबे समय से पर्याप्त भवन सुविधा की कमी से जूझ रहे विद्यार्थियों और शिक्षकों को राहत मिली है।
जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल भवनों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। सीमित कमरों और पर्याप्त आधारभूत सुविधाओं के अभाव में कक्षाओं का संचालन भी चुनौतीपूर्ण रहता था। ऐसे में नए भवन मिलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध होगा। साथ ही शिक्षकों को भी शिक्षण गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी।
इस योजना के तहत प्राथमिक और माध्यमिक पाठशालाओं को शामिल किया गया है। स्कूलों में पर्याप्त और सुरक्षित कक्षाएं होना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जरूरी है। नए भवनों से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। अब उन्हें कक्षाओं के संचालन के लिए भवनों की कमी से होने वाली परेशानियों का सामना कम करना पड़ेगा।
चंबा जिला जलविद्युत परियोजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में परियोजनाओं से जुड़े सामुदायिक विकास कार्यों के माध्यम से शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना अहम माना जा रहा है।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मनोहर लाल ने बताया कि सामुदायिक उत्तरदायित्व योजना के तहत करीब सात करोड़ रुपये खर्च कर 30 स्कूलों को नए भवन उपलब्ध करवाए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।